चंडीगढ़ (गुरप्रीत सिंह): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशा-विरोधी मुहिम के लिए चर्चित रहे परविंदर सिंह झोटा से जुड़े मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का ऐलान किया है। यह फैसला पीड़ित परिवार की मांग के बाद लिया गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक बयान में मुख्यमंत्री मान ने झोटा के परिवार के प्रति राज्य सरकार के पूर्ण समर्थन को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को स्थानांतरित करने का निर्णय परिवार की अपील को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और पंजाब से नशे के खात्मे को लेकर अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य को नशा-मुक्त बनाने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रशासन जहां भी जरूरी होगा, कड़े से कड़े कदम उठाएगा।
मान ने नशा तस्करी के खिलाफ जारी इस अभियान को एक दृढ़ और निर्णायक लड़ाई करार दिया। उन्होंने संकेत दिया कि गैर-कानूनी ड्रग कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।
इस मामले को सीबीआई को सौंपने का निर्णय एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा इस मामले की विस्तृत पड़ताल अपने हाथ में लेने की उम्मीद है।
यह घोषणा ऐसे समय में सामने आई है जब पंजाब में नशा तस्करी और इससे जुड़े मामलों पर सियासी और सार्वजनिक हलकों में लगातार चर्चा बनी हुई है, जहां नशे के खिलाफ यह जंग राज्य सरकार और आम जनता दोनों के लिए एक बड़ा मुद्दा है।
