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Sep
चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा है कि बुजुर्ग कैदियों की ओर से दायर जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते समय न्यायाधीशों को उनकी उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, खासकर तब जब आरोपी की उम्र 75 वर्ष से अधिक हो। न्यायमूर्ति अनूप चितकारा और न्यायमूर्ति हरमीत सिंह देओल की पीठ ने धनशोधन मामले में पांच साल से अधिक समय से हिरासत में बंद 76 वर्षीय व्यक्ति को अंतरिम जमानत देते हुए यह टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि जब 75 वर्ष से अधिक उम्र का कोई आरोपी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ…
