हरियाणा के पानीपत निवासी एक युवक ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में सुसाइड कर लिया। युवक LLB 5th ईयर का स्टूडेंट था और हॉस्टल में रहता था। शनिवार सुबह से वह परिवार के फोन नहीं उठा रहा था। इसके बाद उसके साथियों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो वह अंदर फंदे पर लटका मिला।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कमरे से जरूरी साक्ष्य जुटाए और छात्र का मोबाइल कब्जे में लिया। छात्र राजनीति में भी सक्रिय था। यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्र संघ चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है। हालांकि, युवक ने सुसाइड क्यों किया, इसका अभी पता नहीं चल पाया है।
परिवार के मुताबिक, रक्षाबंधन (28 अगस्त) को वह घर नहीं गया था। इसके बाद से परिवार के लोग उससे संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे। शुक्रवार को PGI में उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया। इसके बाद परिवार शव लेकर पानीपत चला गया।

चैतन्य के सुसाइड के बाद हॉस्टल के बाहर मौजूद छात्र।
पिता NFL में, लुधियाना ड्यूटी
मृतक की पहचान चैतन्य (22) के रूप में हुई है। वह पानीपत के सेक्टर-18 का रहने वाला था। उसके पिता राजबीर सिंह ग्रोवर NFL में कार्यरत है, जोकि फिलहाल लुधियाना में पोस्टेड हैं। चैतन्य की बड़ी बहन बेंगलुरु में पढ़ाई कर रही है। चैतन्य पंजाब यूनिवर्सिटी से LLB कर रहा था। वह यूनिवर्सिटी के ही बॉयज हॉस्टल-4 के कमरे में रहता था।
दोस्त बोला- काफी मिलनसार था
चैतन्य के रूममेट अंश ने बताया कि वे दोनों एक ही कमरे में रहते थे। चैतन्य बहुत मिलनसार था। उसने कभी ऐसी कोई बात नहीं की, जिससे लगे कि वह किसी परेशानी में था। शनिवार सुबह से उसके परिवार के लोग लगातार फोन कर रहे थे, लेकिन उसने किसी कॉल का जवाब नहीं दिया।
दरवाजा तोड़ा तो फंदे पर लटका मिला
अंश ने आगे बताया कि रात करीब 8 बजे वह चैतन्य के साथ बॉयज हॉस्टल नंबर-4 स्थित उसके कमरे पर पहुंचा। दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला तो छात्रों ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर चैतन्य मृत मिला। सुरक्षा गार्ड और छात्रों की मदद से उसे नीचे उतारा गया। इसके बाद एंबुलेंस से PGI की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
छात्र राजनीति में सक्रिय था चैतन्य
चैतन्य छात्र राजनीति और चुनावी गतिविधियों में भी सक्रिय था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एडवोकेट आशीष बिनोई और हॉस्टल वार्डन डॉ. नवीन कुमार के अनुसार, चैतन्य मिलनसार, सक्रिय और होनहार छात्र था। करीब दो महीने पहले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में भी उसने सक्रिय योगदान दिया था।

पानीपत के सेक्टर-18 में चैतन्य के घर पर पसरा मातम।
चचेरा भाई बोला- पढ़ाई को लेकर सीरियस था
चैतन्य के चचेरे भाई गुलशन ने बताया कि वह काफी मिलनसार था और पढ़ाई को लेकर भी गंभीर रहता था। वह घर पर बहुत कम आता था। उसका सपना एक अच्छा एडवोकेट बनने का था। रक्षाबंधन पर भी वह घर नहीं आया, क्योंकि उसकी बहन बेंगलुरु में रहती है। परिवार को समझ नहीं आ रहा कि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया।
