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May
अमृतसर(गुरप्रीत सिंह): इंदरजीत सिंह ने अमृतसर जिले के कृषकों को गेहूं की पराली नहीं जलाने की अपील की, चेतावनी दी कि यह प्रथा मिट्टी की स्वास्थ्य, पर्यावरण और सार्वजनिक कल्याण के लिए गंभीर खतरे पेश करती है। उप जिला अधिकारी ने कहा फसल अवशेष जलाना न केवल प्रदूषण स्तर बढ़ाता है बल्कि मिट्टी में मौजूद आवश्यक पोषक तत्वों को नष्ट करके कृषि भूमि की दीर्घकालिक उर्वरता को नुकसान पहुंचाता है। जिला प्रशासन के अनुसार, गेहूं की तुषार जलाने से नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की उपलब्धता कम होती है, साथही स्वस्थ फसल वृद्धि के लिए आवश्यक कई…
