नई दिल्ली (राजीव शर्मा): शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘युवा संगम’ के छठे चरण कार्यक्रम के अंतर्गत, तिरुपति स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुणे स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान-आईआईएसईआर का दौरा किया। पांच दिनों के कार्यक्रम में प्रतिभागियों को महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, शैक्षिक उत्कृष्टता, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और विकासात्मक उपलब्धियों का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम की पहल को सुगम बनाया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, अनुभवात्मक शिक्षा और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
आंध्र प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने 8 जून 2026 को मुंबई के लोक भवन में महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा से मुलाकात की। राज्यपाल ने नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय एकता पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रतिभागियों के साथ उनके संवाद में भारत की विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को समझने और उसकी सराहना करने के महत्व पर जोर दिया गया। इससे प्रतिभागियों को शासन और लोक सेवा के बारे में लाभप्रद जानकारी मिली।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने 5 जून 2026 को महाराष्ट्र के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ग्रामीण परिदृश्य की ज्ञानवर्धक यात्रा की। दिन भर चली गतिविधियां पर्यटन, प्रगति और पारस्परिक संपर्क पर आधारित रही। प्रतिभागियों ने महाराष्ट्र के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थलों में से एक, जेजुरी स्थित ऐतिहासिक खंडोबा मंदिर के दर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल ने आदर्श गाँव अदाचीवाड़ी का भी दौरा किया, जहां उन्होंने सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों से बातचीत की। बातचीत में उन्हें जमीनी स्तर के शासन, ग्रामीण विकास पहल, सामुदायिक भागीदारी और ग्राम-आधारित बदलाव संबंधी जानकारी प्राप्त हुई। इससे प्रतिभागियों को सतत और समावेशी विकास का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने 6 जून 2026 को पर्यावरण और परंपरा विषयों पर आधारित गतिविधियों में भाग लिया। उस दिन की शुरुआत आईआईएसईआर पुणे परिसर में जैव विविधता अवलोकन और वृक्षारोपण अभियान से हुई, जिसका उद्देश्य पर्यावरण जागरूकता, संरक्षण और संधारणीयता को बढ़ावा देना था। प्रतिभागियों ने इसके बाद प्रतिष्ठित शनिवार वाड़ा का दौरा किया और पुणे शहर के ऐतिहासिक क्षेत्रों में हेरिटेज वॉक द्वारा महाराष्ट्र की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव प्राप्त किया। इससे उन्हें राज्य की स्थापत्य, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की जानकारी मिली।
आंध्र प्रदेश के प्रतिनिधियों ने डेक्कन कॉलेज की प्रोफेसर सोनल कुलकर्णी जोशी द्वारा आयोजित विशेष भाषा सत्र में भी भाग लिया, जिसमें वे महाराष्ट्र की भाषाई विरासत और सांस्कृतिक विविधता से परिचित हुए। कार्यक्रम में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री श्री चंद्रकांत दादा पाटिल और शहरी विकास राज्य मंत्री श्रीमती माधुरी ताई मिसल के साथ सार्थक संवाद भी शामिल रहा। श्री पाटिल ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया और उन्हें महाराष्ट्र की अनूठी समृद्ध परंपराओं का अनुभव प्राप्त करने और राष्ट्र को एकजुट बनाने वाले साझा सांस्कृतिक मूल्यों को समझने के लिए प्रोत्साहित किया। श्रीमती मिसल ने शहरी विकास पर अपने विचार साझा करते हुए प्रतिभागियों को अपनी जड़ों और मूल्यों से जुड़े रह कर उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उस दिन का समापन महाराष्ट्र के पारंपरिक रात्रिभोज के साथ हुआ। प्रतिनिधियों को इसमें राज्य की समृद्ध पाक विरासत तथा मैत्री, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ के बंधन सुदृढ़ करने का अवसर मिला। कार्यक्रम 9 जून 2026 को आयोजित समापन सत्र के साथ संपन्न हुआ।
