चंडीगढ़(बलविंदर सिंह): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम में चौधरी चरण सिंह हरियाण कृषि विश्वविद्यालय हिसार द्वारा बिजनेस मैनेजमेंट एंड एग्रीप्रेन्योरशिप इंस्टीट्यूट की स्थापना प्रदेश में कृषि, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। संस्थान के माध्यम से युवाओं को बिजनेस मैनेजमेंट, कृषि उद्यमिता, नवाचार, स्टार्टअप, डिजिटल मार्केटिंग, एग्री-बिजनेस, सप्लाई चेन मैनेजमेंट और वित्तीय प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण एवं व्यावहारिक शिक्षा मिलेगी। इससे युवा रोजगार तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी भी बन सकेंगे।
मुख्यमंत्री शनिवार को हरियाणा निवास में स्थायी वित्त समिति ‘सी’ की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा और सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी भी मौजूद थीं। बैठक के दौरान संस्थान के आवश्यक बजटीय प्रावधानों को स्वीकृति प्रदान की गई। विद्यार्थियों और शिक्षकों की आवासीय आवश्यकताओं को देखते हुए 11 मंजिला रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम देश के प्रमुख कॉर्पोरेट एवं स्टार्टअप हब में शामिल है। ऐसे में संस्थान के विद्यार्थियों को उद्योगों से प्रत्यक्ष जुड़ाव, इंटर्नशिप, कौशल विकास, अनुसंधान और प्लेसमेंट के बेहतर अवसर मिलेंगे। कृषि स्नातकों को कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, प्रसंस्करण, निर्यात तथा एग्री-टेक आधारित व्यवसाय स्थापित करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए युवाओं को कृषि व्यवसाय और उद्यमिता से जोड़ना समय की आवश्यकता है। यह संस्थान कृषि क्षेत्र में नए उद्यम स्थापित करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी मंच के रूप में कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान के माध्यम से कृषि और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे नवाचार आधारित स्टार्टअप, ग्रामीण उद्यमिता, निवेश, रोजगार सृजन और कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं के पलायन को कम करने में भी मदद मिलेगी। यह संस्थान हरियाणा को कृषि व्यवसाय, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा, युवाओं को मिलेंगे कृषि व्यवसाय के नए अवसर
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि गुरुग्राम में बिजनेस मैनेजमेंट एंड एग्रीप्रेन्योरशिप इंस्टीट्यूट की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को कृषि क्षेत्र में आधुनिक प्रबंधन, उद्यमिता और व्यवसायिक कौशल का प्रशिक्षण मिलेगा। इससे कृषि को केवल परंपरागत खेती तक सीमित न रखकर युवाओं को एग्री-बिजनेस, स्टार्टअप और वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे तथा किसानों की आय बढ़ाने में भी संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कृषि शिक्षा को प्रबंधन और उद्यमिता से जोड़ना समय की आवश्यकता: प्रो. बी.आर. कम्बोज
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो. बी.आर. कम्बोज ने कहा कि कृषि शिक्षा को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप बहुआयामी बनाना समय की आवश्यकता है। गुरुग्राम में स्थापित होने वाला यह संस्थान विद्यार्थियों को कृषि के साथ-साथ प्रबंधन और उद्यमिता की समझ विकसित करने का अवसर देगा। विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त ज्ञान के साथ वास्तविक परिस्थितियों में निर्णय लेने, समस्याओं का समाधान करने और नए विचारों को व्यावसायिक स्वरूप देने के लिए तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संस्थान में केस स्टडी, प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग, व्यावहारिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, व्यावसायिक दृष्टिकोण और निर्णय लेने की दक्षता विकसित होगी।
प्रो. कम्बोज ने बताया कि ग्राम दौलताबाद, जिला गुरुग्राम में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के बिजनेस मैनेजमेंट एंड एग्रीप्रेन्योरशिप इंस्टीट्यूट की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई थी और राज्य सरकार ने संस्थान के लिए आवश्यक बजटीय प्रावधान स्वीकृत करते हुए भवन निर्माण के लिए धनराशि का आवंटन किया था। वर्तमान में भवन निर्माण कार्य लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि संस्थान के सुचारू संचालन के लिए यूजीसी/एआईसीटीई/आई सी ए आर मानदंडों के अनुसार 41 शिक्षक और 43 गैर-शिक्षक, कुल 84 पदों का प्रावधान है।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्रा कुमार, हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण के चेयरपर्सन श्री पवन यादव सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।
