पठानकोट में अपनी मांगों को लेकर करीब 50 दिनों से 100 फीट ऊंचे टावर पर बैठे दो बुजुर्ग आखिरकार नीचे उतरने के लिए राजी हो गए हैं। सोमवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों और बैराज औसती संघर्ष कमेटी, जैनी जुगियाल के सदस्यों के बीच बातचीत के बाद सहमति बनी। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्य सचिव और सरकार के अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठक करवाई जाएगी।
टावर पर बैठे 88 वर्षीय शरम सिंह और 83 वर्षीय कुलविंदर सिंह को मनाने के लिए सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे DC डॉ. पल्लवी, SSP मनप्रीत सिंह और ADC जनरल हरदीप सिंह लुबाना माधोपुर स्थित संघर्ष स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने कमेटी के सदस्यों से बातचीत की और उनकी लंबित मांगों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाकर समाधान का प्रयास करने का भरोसा दिया। इसके बाद दोनों बुजुर्ग टावर से नीचे उतरने के लिए सहमत हो गए। उन्हें सुरक्षित नीचे लाने के लिए क्रेन की सहायता लेने की प्रक्रिया शुरू की गई।
बैराज औसती संघर्ष कमेटी पिछले करीब 15 वर्षों से बांध निर्माण से प्रभावित परिवारों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है। कमेटी की प्रमुख मांग है कि शाहपुरकंडी बैराज के निर्माण के दौरान अधिग्रहित की गई जमीनों का उचित मुआवजा दिया जाए और प्रभावित परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले। इसके अलावा निर्माण कार्य के कारण जिन परिवारों के मकान टूटे, उनके पुनर्वास और अन्य मांगों का भी समाधान करने की मांग की जा रही है।
कमेटी के सदस्यों का कहना है कि लंबे समय से संघर्ष के बावजूद उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी के विरोध में दोनों बुजुर्ग टावर पर चढ़ गए थे। करीब 50 दिनों तक टावर पर रहने के दौरान उन्हें मौसम की कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उनकी सेहत को लेकर भी चिंता जताई जा रही थी।
प्रशासन की ओर से एक सप्ताह के भीतर चंडीगढ़ में बैठक कराने के आश्वासन के बाद अब दोनों बुजुर्गों के नीचे उतरने पर सहमति बनी है। कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों का ठोस समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। टावर से नीचे उतरने के बाद दोनों बुजुर्गों का मेडिकल चेकअप करवाने की बात भी कही गई है।
