वाशिंगटन (राजीव शर्मा): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साल में दो बार घड़ी की सुइयां बदलने की व्यवस्था को समाप्त करने वाले कानून को आगे न बढ़ाने के लिए एक बार फिर सीनेट की आलोचना की है। उन्होंने तर्क दिया कि डेलाइट सेविंग टाइम में बदलाव के साथ अब अमेरिकियों को अपनी घड़ियां बदलने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने जल्दी सूर्यास्त होने और शाम को जल्द अंधेरा छा जाने पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सीनेट ने अभी तक ‘सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट’ को मंजूरी नहीं दी है, जो अधिकांश संयुक्त राज्य अमेरिका में डेलाइट सेविंग टाइम को स्थायी बना देगा।
दिन के उजाले में आए बदलाव का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि शाम 5:06 बजे ही सूर्यास्त हो गया और 5:31 बजे तक पूरी तरह अंधेरा छा गया। उन्होंने कुछ ही दिन पहले तक की अपेक्षाकृत अधिक रोशनी वाली शामों से इसकी तुलना करते हुए बार-बार घड़ियां बदलने की आवश्यकता पर सवाल उठाए।
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने चुनावों से पहले इस मुद्दे को एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाने से परहेज किया था, क्योंकि उनका दावा था कि वह नहीं चाहते थे कि इस मामले पर कुछ सीनेटरों को चुनावी हार का सामना करना पड़े। उन्होंने तर्क दिया कि प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) पहले ही 308-117 के मतदान से मजबूत द्विदलीय समर्थन के साथ इस प्रस्ताव को पारित कर चुकी है, लेकिन सीनेट ने इसे आगे नहीं बढ़ाया।
ट्रंप ने लिखा, “मैं इसके लिए लड़ना जारी रखूंगा,” हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि देश के पास अन्य प्रमुख प्राथमिकताएं भी हैं।
सीनेट में अटका हुआ है विधेयक
‘सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट’ का उद्देश्य पूरे साल डेलाइट सेविंग टाइम को प्रभावी रखना है, जिससे वसंत में घड़ियों को एक घंटा आगे और पतझड़ में एक घंटा पीछे करने की पारंपरिक प्रथा समाप्त हो जाएगी।
प्रतिनिधि सभा ने जुलाई 2026 में इस कानून को मंजूरी दी थी, लेकिन यह सीनेट से पारित नहीं हो सका है। मौजूदा व्यवस्था के तहत 1 नवंबर 2026 को घड़ियों को एक घंटा पीछे करने के साथ ही डेलाइट सेविंग टाइम समाप्त हो गया था। स्थायी डेलाइट सेविंग टाइम के प्रभावों को लेकर सांसदों के बीच असहमति के चलते इस विधेयक की प्रगति रुकी हुई है।
समर्थकों का कहना है कि इस बदलाव से शाम के समय अधिक प्राकृतिक रोशनी मिलेगी, जबकि आलोचकों ने सर्दियों की सुबह गहरा अंधेरा रहने को लेकर चिंता जताई है, खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और काम पर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर।
ट्रंप लगातार सीनेटरों से इस प्रस्ताव पर मतदान करने का आग्रह करते रहे हैं, जिससे यह मुद्दा कांग्रेस के उच्च सदन (सीनेट) के खिलाफ उनकी आलोचना का एक बार-बार उठने वाला बिंदु बन गया है।
