कुल्लू के सिंदूरी अनार की दुबई तक पहुंच, APEDA ने 1.3 मीट्रिक टन निर्यात में की मदद

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):केंद्र सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण-एपीडा ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से संयुक्त अरब अमीरात के दुबई तक 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी अनार के निर्यात में मदद की है।

इस खेप में दो-दो किलो के 650 डिब्बे शामिल हैं। इसका निर्यात उत्तर प्रदेश की कंपनी अमामा एक्सपोर्ट्स ने किया है। इस पहल से स्थानीय किसानों और किसान उत्पादक संगठन को निर्यातक के साथ जोड़ा गया है। इससे हिमाचल प्रदेश के बागवानी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के अवसर मिले हैं। अनार सीधे स्थानीय किसानों और भुंतर किसान उत्पादक संगठन से खरीदे गए हैं। इस संगठन से लगभग 600 किसान जुड़े हैं। कुल्लू जिला बागवानी प्रशासन ने खरीद और समन्वय में सहयोग किया।

हिमाचल प्रदेश में भगवा और कंधारी के साथ सिंदूरी अनार भी उगाए जाते हैं। अपनी आकर्षक लाल रंग की त्वचा, रसीले दानों और मीठे-खट्टे स्वाद के लिए पहचाने जाने वाले ये अनार ताजे फल के रूप में खाने और निर्यात के लिए उपयुक्त हैं।

यह पहल किसानों के सीधे उत्पादों की खरीद और किसान उत्पादक संगठनों की सामूहिक भागीदारी के जरिए बाजार से उनके जुड़ाव को मजबूत करने में मददगार है। इस निर्यात से किसानों को घरेलू बाजार की कीमतों की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक दाम मिले हैं। इस तरह के निर्यात संबंध किसानों को विपणन के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा देने और कृषि निर्यात में किसान उत्पादक संगठनों की भागीदारी बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत ने एपीडा के अंतर्गत आने वाले कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का लगभग 2 अरब 59 करोड़ डॉलर का निर्यात संयुक्त अरब अमीरात को किया। इसकी कुल मात्रा लगभग 38 लाख 10 हजार मीट्रिक टन रही। खरीदारों की मांग, गुणवत्ता संबंधी आवश्यकताओं और आयात नियमों के आधार पर हिमाचल प्रदेश के बागवानी उत्पादों के लिए भी इस बाजार में अवसर उपलब्ध हैं।

एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने अनार की इस खेप को रवाना किया। इस अवसर पर एपीडा के अधिकारी, बागवानी विभाग के प्रतिनिधि, निर्यातक, किसान उत्पादक संगठन और किसान उपस्थित थे। कार्यक्रम में क्षेत्रीय बागवानी उत्पादों के निर्यात के अवसर विकसित करने के लिए किसानों, उत्पादक संगठनों, निर्यातकों और सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय के महत्व को रेखांकित किया गया।

कुल्लू से दुबई तक अनार का निर्यात हिमाचल प्रदेश के कृषि निर्यात में सेब के अलावा अन्य उत्पादों को शामिल करने के प्रयासों को बढ़ावा देगा। राज्य में अनार, जापानी फल, गुठलीदार फल, जूस और खाने के लिए तैयार उत्पादों के विदेशी बाजारों में निर्यात की भी संभावनाएं हैं। गुणवत्ता प्रबंधन, बाजार से जुड़ाव और निर्यात संबंधी नियमों के पालन पर लगातार ध्यान देकर स्थानीय किसानों के लिए अवसर बढ़ाए जा सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय कृषि व्यापार में राज्य की भागीदारी मजबूत हो सकती है।

एपीडा अपनी निर्यात संबंधी पहलों के माध्यम से भारतीय निर्यातकों, किसानों और किसान उत्पादक संगठनों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने तथा भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने में लगातार सहयोग दे रहा है।

By Rajeev Sharma

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