रोहतक। हरियाणा के भिवानी जिले के 24 वर्षीय मर्चेंट नेवी कर्मचारी रोहित की दक्षिण अफ्रीका में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। करीब 50 दिन बाद मंगलवार को उसका पार्थिव शरीर भारत पहुंचा। परिजन शव को दिल्ली एयरपोर्ट से सीधे रोहतक पीजीआई लेकर पहुंचे, जहां वे दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग कर रहे हैं। परिवार ने शिपिंग कंपनी के आत्महत्या के दावे पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रोहित भिवानी जिले के गांव मोहम्मद नगर मनफरा का रहने वाला था। वह चेन्नई की शिपिंग मैनेजमेंट कंपनी डॉल्फिन के माध्यम से मर्चेंट नेवी में एबल सीमैन के पद पर कार्यरत था। उसके चाचा अनिल कुमार के अनुसार, रोहित ने वर्ष 2023 में नौकरी शुरू की थी। उसकी ड्यूटी का शेड्यूल चार महीने घर और चार महीने जहाज पर रहने का था। वह 22 अगस्त 2026 को ड्यूटी के लिए घर से निकला था और 25 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका पहुंचा था।
14 सितंबर को मिली मौत की सूचना
परिजनों के मुताबिक, 14 सितंबर को कंपनी की ओर से फोन कर बताया गया कि रोहित ने 13 सितंबर को जहाज के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कंपनी ने मौत को आत्महत्या बताया, लेकिन परिवार इस दावे से संतुष्ट नहीं है। परिजनों का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें घटना की परिस्थितियों, जहाज पर घटनास्थल और अन्य जरूरी जानकारियों के बारे में स्पष्ट जवाब नहीं दिए।
परिवार ने रोहित के साथ जहाज पर काम करने वाले चरखी दादरी निवासी कैप्टन मोहित से भी संपर्क किया। परिजनों के अनुसार, कैप्टन ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई। उनका दावा है कि कैप्टन ने रोहित का शव देखा था और उसके गले पर फांसी के निशान नहीं होने की बात कही थी। हालांकि, यह सहकर्मी और परिजनों की ओर से किया गया दावा है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दोबारा पोस्टमार्टम की मांग
परिजनों का कहना है कि विदेश में पोस्टमार्टम होने के बावजूद उन्हें मौत के कारणों को लेकर संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। करीब 50 दिन के इंतजार के बाद शव भारत पहुंचा तो परिवार उसे दिल्ली एयरपोर्ट से रोहतक पीजीआई ले आया। वे यहां दोबारा पोस्टमार्टम कराकर मौत की असली वजह जानना चाहते हैं।
रोहित के चाचा अनिल कुमार ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। परिवार चाहता है कि जहाज पर हुई घटना की निष्पक्ष जांच हो और कंपनी की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों तथा मौत से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल की जाए। यदि जांच में किसी की लापरवाही या आपराधिक भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
रोहित परिवार का छोटा बेटा था और उसका बड़ा भाई राहुल है। उसकी मौत से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। फिलहाल कंपनी का आत्महत्या संबंधी दावा और सहकर्मी की ओर से जताई गई हत्या की आशंका, दोनों ही जांच के दायरे में हैं। पोस्टमार्टम और आगे की जांच के बाद ही मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
