चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पांच आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की ओर से 3 नवंबर 2026 को जारी आदेशों के अनुसार, सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इस फेरबदल में श्रम, राजस्व, पुनर्वास, आपदा प्रबंधन, स्थानीय सरकार और सहकारिता से जुड़े विभागों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।
1994 बैच के आईएएस अधिकारी धीरेंद्र कुमार तिवारी को श्रम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह पहले से ही आबकारी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्त आयुक्त के साथ-साथ सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी और संसदीय कार्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उनके कार्यभार में श्रम विभाग भी शामिल हो गया है।
वहीं, 2008 बैच के आईएएस अधिकारी विनय बुबलानी को रूपनगर मंडल के कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वह फिलहाल पटियाला मंडल के कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा उन्हें राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
दीप्ति उप्पल को भी नई जिम्मेदारी
2011 बैच की आईएएस अधिकारी दीप्ति उप्पल को राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। वह अपने मौजूदा पद विशेष सचिव, स्थानीय सरकार के साथ पंजाब म्यूनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी की संयुक्त प्रबंध निदेशक-कम-सीईओ और पंजाब जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड की सीईओ की जिम्मेदारी भी संभालती रहेंगी।
2013 बैच के आईएएस अधिकारी अमित तलवार को पंजाब राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। वह विशेष सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग और ड्रग्स एवं जाति जनगणना के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभालते रहेंगे। अमित तलवार को यह अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद आईएएस अधिकारी संयम अग्रवाल को पंजाब राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
टी. बेनिथ को इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड की जिम्मेदारी
2018 बैच के आईएएस अधिकारी टी. बेनिथ को पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह फिलहाल राजस्व एवं पुनर्वास विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं और अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ नया कार्यभार भी संभालेंगे।
सरकार की ओर से जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इस प्रशासनिक फेरबदल के जरिए राज्य के विभिन्न विभागों और मंडलों में वरिष्ठ अधिकारियों के बीच अतिरिक्त जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है।
