चंडीगढ़(नवल किशोर): पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) ने क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारतीय संस्थानों के बीच 37वां स्थान बरकरार रखा है। विश्वविद्यालय का कुल स्कोर 2026 के 42.6 से बढक़र 43.4 हो गया है। विश्वविद्यालय ने 2027 की रैंकिंग में शामिल एशियाई संस्थानों में से 82.3 प्रतिशत को पीछे छोड़ा है। पिछले साल यह आंकड़ा 82 प्रतिशत और 2025 में 72.7 प्रतिशत था। दक्षिण एशिया में विश्वविद्यालय का स्थान 61वां बना हुआ है।
विश्वविद्यालय का कुल स्कोर 2025 में 31.3 था, जो 2027 में बढक़र 43.4 हो गया है। इस तरह दो वर्षों में कुल स्कोर में 38.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2026 की तुलना में दस में से आठ तुलनात्मक मानकों पर विश्वविद्यालय के स्कोर में सुधार हुआ है।
शोध के प्रभाव को दर्शाने वाले ‘साइटेशंस प्रति पेपर’ मानक में विश्वविद्यालय का स्कोर सत्र 2026 के 45.3 से 16.56 प्रतिशत बढक़र सत्र 2027 में 52.8 हो गया है। वहीं, शिक्षक-छात्र अनुपात के स्कोर में 23.32 प्रतिशत का सुधार हुआ है और यह 28.3 से बढक़र 34.9 हो गया है।
विश्वविद्यालय ने अकादमिक प्रतिष्ठा और नियोक्ता प्रतिष्ठा के मानकों पर भी अपने स्कोर में सुधार किया है। अकादमिक प्रतिष्ठा का स्कोर 35.7 से बढक़र 35.9 और नियोक्ता प्रतिष्ठा का स्कोर 39.2 से बढक़र 40.1 हो गया है। क्यूएस एशिया रैंकिंग में इन दोनों मानकों का भार क्रमश: 30 और 20 प्रतिशत है।
अंतरराष्ट्रीय छात्र भागीदारी भी बढ़ी आर अन्यस्कोर भी
अंतरराष्ट्रीय छात्र भागीदारी से जुड़े मानकों पर भी सुधार दर्ज किया गया है। ‘इनबाउंड एक्सचेंज स्टूडेंट्स’ का स्कोर 35.53 प्रतिशत बढक़र 7.6 से 10.3 हो गया है। यह सभी तुलनात्मक मानकों में सबसे अधिक वृद्धि है। ‘आउटबाउंड एक्सचेंज स्टूडेंट्स’ का स्कोर 17.39 प्रतिशत बढक़र 6.9 से 8.1 और अंतरराष्ट्रीय छात्र अनुपात का स्कोर 19.63 प्रतिशत बढक़र 10.7 से 12.8 हो गया है। पीएचडी डिग्री प्राप्त शिक्षकों से जुड़े मानक में विश्वविद्यालय का स्कोर सत्र 2026 के 95.8 से बढक़र 2027 में 99 हो गया है।
विश्वविद्यालय के प्रदर्शन पर कुलपति प्रोफेसर मीनाक्षी गोयल ने कहा, हमारा ध्यान विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने और आधुनिक एवं उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा देकर उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने पर है। हमारा मानना है कि शिक्षा के स्तर और रोजगार क्षमता में सुधार का असर विभिन्न रैंकिंग में भी दिखाई देगा। क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में पंजाब विश्वविद्यालय के कुल स्कोर में सुधार उत्साहजनक है। यह हमारे शिक्षकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और पूरे विश्वविद्यालय समुदाय के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। इन प्रयासों का असर हमारे बेहतर स्कोर में भी दिख रहा है। शोध के प्रभाव, शिक्षक-छात्र अनुपात और अंतरराष्ट्रीय छात्र भागीदारी के मानकों पर हुई प्रगति विशेष रूप से उत्साहजनक है।
