नई दिल्ली(राजीव शर्मा):एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल, एवीएसएम, वीएम ने 1 नवंबर 2026 को भारतीय वायुसेना की पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार ग्रहण कर लिया है।
एयर मार्शल देसवाल 14 जून 1989 को भारतीय वायुसेना की उड़ान शाखा में लड़ाकू विमान पायलट के रूप में कमीशन हुए थे। उन्हें विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों को उड़ाने का 3,200 घंटे से अधिक का अनुभव है। वे आक्रमणकारी विमानों के संचालन और वायु रक्षा के विशेषज्ञ हैं। इसके अलावा, वह योग्य पायलट आक्रमण प्रशिक्षक भी हैं। एयर मार्शल देसवालने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की है।
एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने अपने सेवाकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण परिचालन और स्टाफ संबंधी पदों पर कार्य किया है। इनमें दो वायुसेना अड्डों के एयर ऑफिसर कमांडिंग और एक लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन के कमान अधिकारी का पद शामिल है। वे पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास में वायुसेना अताशे के रूप में भी तैनात रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने वायुसेना मुख्यालय में महानिदेशक (हथियार प्रणाली) के रूप में सेवाएं दी हैं। पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभालने से पहले एयर मार्शल देसवाल दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान मुख्यालय में वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी (एसएएसओ) के पद पर कार्यरत थे।
उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए एयर मार्शल देसवाल को अति विशिष्ट सेवा मेडल और वायु सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।कोल इंडिया ने अक्टूबर 2026 में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के साथ अपने 51 शानदार वर्षों का जश्न मनाया
नई दिल्ली(राजीव शर्मा)कोयला मंत्रालय के अंतर्गत देश की प्रमुख कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अक्टूबर 2026 में कंपनी ने कई रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धियां हासिल करने के साथ, 1 नवंबर 2026 को अपना 51वां स्थापना दिवस मनाया। कंपनी ने अब तक का अपना सर्वाधिक मासिक कोयला उत्पादन और कुल कोयला आपूर्ति दर्ज की, साथ ही बिजली क्षेत्र को भी अब तक की सबसे अधिक मासिक कोयला आपूर्ति की।
अक्टूबर 2026 में, सीआईएल ने किसी भी महीने में अब तक की सर्वाधिक, कुल 70.3 मिलियन टन (एमटी) कोयला आपूर्ति के साथ, मार्च 2026 में बने 69.4 एमटी के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 19% की वृद्धि को दर्शाता है।
बिजली क्षेत्र को कोयले की आपूर्ति ने भी एक नया मुकाम हासिल किया है। सीआईएल ने बिजली क्षेत्र को 57.1 एमटी कोयले की आपूर्ति की, जो अब तक की सबसे अधिक मासिक आपूर्ति है। इससे पहले का रिकॉर्ड 56.5 एमटी का था, जो मई 2024 में बना था। बिजली क्षेत्र को की गई इस आपूर्ति में पिछले साल के मुकाबले 19% की वृद्धि दर्ज की गई है।
कंपनी ने कोयला उत्पादन में भी एक अहम उपलब्धि हासिल की है। अक्टूबर के महीने में 67.2 एमटी कोयले का उत्पादन हुआ, जो अब तक का सबसे अधिक मासिक उत्पादन है। यह अक्टूबर 2024 में बने 62.47 एमटी के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है और इसमें पिछले साल के मुकाबले 19% की वृद्धि हुई है।
एक अन्य बड़ी उपलब्धि में, रेलवे कोयला निकासी में रिकॉर्ड प्रदर्शन देखा गया, बिजली क्षेत्र के लिए दैनिक रेक लोडिंग 310 रेक तक पहुंच गई, जो किसी भी महीने में अब तक की सबसे अधिक उपलब्धि है। इसने मार्च 2025 में प्राप्त 302.8 रेक प्रतिदिन के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
ये उल्लेखनीय उपलब्धियां इसलिए भी विशेष महत्व रखती हैं क्योंकि कोल इंडिया अपने अस्तित्व के 51 गौरवशाली वर्ष मना रहा है और राष्ट्र की सेवा के 52वें वर्ष की शुरुआत कर रहा है। 1 नवंबर 1975 को स्थापित, कोल इंडिया ने पिछले पांच दशकों में कई परिवर्तन देखे हैं और एकता, दृढ़ संकल्प और सामूहिक संकल्प के साथ आगे बढ़ते हुए कई चुनौतियों को पार किया है।
अपने कामकाज के पहले साल में 79 एमटी (मिलियन टन) सालाना कोयला उत्पादन से लेकर, कोल इंडिया ने दशकों तक लगातार विकास किया है। वित्त वर्ष 2025–26 में इसका उत्पादन बढ़कर 768 एमटी हो गया है-जो पिछले पांच दशकों में लगभग 10 गुना वृद्धि को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2026–27 के लिए उत्पादन लक्ष्य 815 एमटी तय किया गया है।
अक्टूबर 2026 के दौरान कंपनी के शानदार प्रदर्शन से उत्पादन बढ़ाने, कोयले की निकासी को मजबूत करने और देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने पर कोल इंडिया के निरंतर फोकस का पता चलता है।
जैसे-जैसे कोल इंडिया अपने 52वें वर्ष में प्रवेश कर रही है, कंपनी विकास और बदलाव की अपनी विरासत को आगे बढ़ाने तथा भारत की ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय विकास में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।सात हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ‘डिजी यात्रा’ का ट्रायल शुरू
नई दिल्ली(राजीव शर्मा)भारत के सात हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ‘डिजी यात्रा’ के ट्रायल शुरू किये गए हैं। यह देश के विमानन क्षेत्र में डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाने की दिशा में एक और कदम है। नवंबर से दिसंबर 2026 तक चलने वाले इन ट्रायल के दौरान, ई-पासपोर्ट रखने वाले पात्र भारतीय नागरिक, एयर इंडिया और इंडिगो की चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्रा करते समय, हवाई अड्डों पर तय किए गए टचपॉइंट्स पर ‘डिजी यात्रा’ का उपयोग कर सकेंगे।
ये ट्रायल दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोचीन, मुंबई, चेन्नई और अमृतसर हवाई अड्डों पर किए जा रहे हैं। पात्र यात्री टर्मिनल प्रवेश बिंदुओं, सुरक्षा होल्ड क्षेत्रों (एसएचए) और बोर्डिंग गेटों पर, जहाँ भी आवश्यक अवसंरचना उपलब्ध है, इस सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। ट्रायल अवधि के दौरान मिलने वाले फीडबैक के आधार पर 2027 में इसके व्यापक विस्तार की योजना तैयार की जाएगी।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए, पात्र भारतीय नागरिकों को डिजी यात्रा मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से ई-पासपोर्ट-आधारित सत्यापन योग्य जानकारी (वीसी) देनी होगी। इस प्रक्रिया में ई-पासपोर्ट के मशीन के जरिये पठनीय ज़ोन (एमआरजेड) को स्कैन करना, एक उपयुक्त स्मार्टफोन के ‘नियर फील्ड कम्यूनिकेशन’ (एनएफसी) फीचर का उपयोग करके पासपोर्ट में लगी चिप को पढ़ना, एक सेल्फी लेना और विवरणों को सत्यापित करना शामिल है। यह जानकारी यात्री के डिवाइस पर उनके डिजी यात्रा वॉलेट में सुरक्षित हो जाती है और इसका उपयोग ट्रायल के लिए सक्षम किए गए हवाई अड्डे के टचपॉइंट्स पर किया जा सकता है।
इस सुविधा का उद्देश्य मौजूदा यात्रा प्रक्रियाओं की जगह लेना नहीं, बल्कि उनमें सहयोग करना है। यात्रियों को अपने यात्रा दस्तावेज़ साथ रखने होंगे और एयरलाइन द्वारा ज़रूरी दस्तावेज़ों की जाँच, आव्रजन प्रक्रियाओं और यात्रा से जुड़ी अन्य सभी औपचारिकताओं को पूरा करना होगा।
भारत के विमानन नेटवर्क में डिजी यात्रा का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। इस प्लेटफॉर्म के 26.5 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता हैं और इसने घरेलू एयरलाइनों को सेवा प्रदान करते हुए 39 घरेलू हवाई अड्डों पर 110 मिलियन से अधिक यात्राओं को सुगम बनाया है। 2027 तक 25 और घरेलू हवाई अड्डों को इसके दायरे में लाने की योजना है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारत सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ और उड़ान को आसान बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप, हवाई अड्डे के कामकाज को बेहतर बनाने और हवाई यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के प्रति प्रतिबद्ध है।
लोक सभा अध्यक्ष तिरुवनंतपुरम में संसद तथा राज्य/संघ राज्य क्षेत्र विधानमंडलों की लोक लेखा समितियों के सभापतियों के सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे
नई दिल्ली(राजीव शर्मा):लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला मंगलवार, 3 नवंबर, 2026 को केरलम के तिरुवनंतपुरम में संसद तथा राज्य/संघ राज्य क्षेत्र विधानमंडलों की लोक लेखा समितियों (पीएसी) के सभापतियों के सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।
उद्घाटन सत्र में केरलम के मुख्यमंत्री श्री वी. डी. सतीशन; राज्य सभा के उपसभापति श्री हरिवंश; केरलम विधान सभा के अध्यक्ष श्री थिरुवनचूर राधाकृष्णन तथा केरलम विधान सभा की लोक लेखा समिति के सभापति श्री के. एन. बालगोपाल उपस्थित रहेंगे और सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
संसद की लोक लेखा समिति के सभापति श्री के. सी. वेणुगोपाल स्वागत भाषण देंगे, जबकि केरलम विधान सभा की उपाध्यक्ष श्रीमती शानिमोल उस्मान धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करेंगी। सम्मेलन में संसद तथा राज्य/संघ राज्य क्षेत्र विधानमंडलों की लोक लेखा समितियों के सभापति एवं सदस्यगण तथा अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति भाग लेंगे।
दो दिवसीय सम्मेलन में ‘लेखा परीक्षा, जवाबदेही एवं सुशासन – लोक लेखा समिति की उभरती भूमिका’ विषय पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान अनुभवों को साझा करने, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान तथा सार्वजनिक व्यय पर विधायी निगरानी सुनिश्चित करने और शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देने में लोक लेखा समितियों की भूमिका को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उपायों पर सार्थक चर्चा होगी।
सार्वजनिक व्यय की जांच करने तथा यह सुनिश्चित करने वाली कि जनधन का उपयोग विधायिका की मंशा एवं स्वीकृति के अनुरूप हो, लोक लेखा समितियां जवाबदेही और उत्तरदायी शासन के सिद्धांतों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस सम्मेलन में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में उभरती चुनौतियों, लेखा परीक्षा के बदलते परिदृश्य तथा विधायी समीक्षा एवं निगरानी की प्रभावशीलता को और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता पर रचनात्मक संवाद को प्रोत्साहन मिलने की अपेक्षा है।
सम्मेलन का समापन बुधवार, 4 नवंबर, 2026 को होगा। इस अवसर पर लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला समापन सत्र को संबोधित करेंगे। केरलम विधान सभा के अध्यक्ष तथा संसद की लोक लेखा समिति के सभापति भी समापन सत्र को संबोधित करेंगे। केरलम विधान सभा की उपाध्यक्ष स्वागत भाषण देंगी, जबकि केरलम विधान सभा की लोक लेखा समिति के सभापति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे।
