चंडीगढ़ (नवल किशोर): कर्मचारियों और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा उनके कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चंडीगढ़ श्रम कल्याण बोर्ड ने अपनी 9वीं बैठक में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में महत्वपूर्ण संशोधनों और नई पहलों को मंजूरी प्रदान की।
यह बैठक श्रम सचिव-सह-अध्यक्ष, चंडीगढ़ श्रम कल्याण बोर्ड, श्रीमती अनुराधा एस. चागती की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में श्रम आयुक्त-सह-कल्याण आयुक्त श्री निशांत कुमार यादव तथा सहायक श्रम आयुक्त-सह-सचिव, चंडीगढ़ श्रम कल्याण बोर्ड, श्री आकाश मित्तल उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान बोर्ड ने महिला कर्मचारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, पात्र लाभार्थियों की सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने तथा शिक्षा एवं डिजिटल सुविधाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की।
कन्यादान योजना के अंतर्गत बोर्ड ने अविवाहित महिला कर्मचारियों को स्वयं के विवाह के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान शामिल करने को मंजूरी दी है। इससे योजना का दायरा बढ़ेगा और महिला कर्मचारियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सकेगा।
मातृत्व लाभ योजना के अंतर्गत महिला कर्मचारियों को वेतन क्षतिपूर्ति एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं के लिए ₹21,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करने को मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त, नवजात शिशु के नाम पर ₹10,000 की सावधि जमा (एफडीआर) का प्रावधान भी स्वीकृत किया गया है। इस पहल का उद्देश्य मातृत्व के दौरान महिला कर्मचारियों को आर्थिक संबल प्रदान करना तथा उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में सहायता करना है।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में बोर्ड ने विधवा पेंशन एवं दिव्यांगता पेंशन योजनाओं के अंतर्गत मासिक पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹2,000 करने को मंजूरी दी है। इस निर्णय से पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली मासिक वित्तीय सहायता दोगुनी हो जाएगी।
कर्मचारियों को निरंतर शिक्षा एवं कौशल विकास के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बोर्ड ने छात्रवृत्ति योजना का विस्तार स्व-अध्ययन के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर रहे कार्यरत कर्मचारियों तक करने को भी स्वीकृति प्रदान की है।
इसके अतिरिक्त, डिजिटल शिक्षा के बढ़ते महत्व को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने नई डिजिटल शिक्षा योजना शुरू करने को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को लैपटॉप अथवा अन्य निर्धारित डिजिटल शिक्षण उपकरण की खरीद के लिए ₹25,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह लाभ निर्धारित शर्तों के अनुसार जीवनकाल में एक बार उपलब्ध होगा।
बोर्ड द्वारा लिए गए ये निर्णय कर्मचारियों और उनके परिवारों के कल्याण, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा तथा शिक्षा और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
स्वीकृत सभी कल्याणकारी उपायों को संबंधित योजनाओं के निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं पात्रता मानदंडों के अनुसार लागू किया जाएगा।
