अमित शाह 5 नवंबर को करनाल में करेंगे रोड शो, विपक्ष के आरोपों का देंगे जवाब

चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारतीय साहित्य, संस्कृति और मानवीय चेतना के महान प्रतीक हैं। उन्हें आदि कवि और उनकी अमर रचना रामायण को आदिकाव्य के रूप में सम्मान प्राप्त है। रामायण केवल एक महाकाव्य नहीं, बल्कि जीवन-मूल्यों, कर्तव्यबोध, त्याग, मर्यादा की अनुपम कृति है। महर्षि वाल्मीकि की रामायण हमें सिखाती है कि जीवन में कर्तव्य, सत्य, त्याग और मर्यादा का विशेष महत्व है। भगवान श्रीराम का कर्तव्य बोध, भरत का त्याग, लक्ष्मण की निष्ठा, सीता का धैर्य और हनुमान का सेवा भाव हमें अपने जीवन में उच्च आदर्श अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष सोमवार को भगवान वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस के अवसर पर महर्षि वाल्मीकि आश्रम एवं वाल्मीकि सभा द्वारा थानेसर, कुरुक्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने दीप प्रज्वलित कर व भगवान वाल्मीकि जी चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इससे पहले हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने भगवान वाल्मीकि छात्रावास में कमरों के निर्माण का शिलान्यास किया और निर्माण कार्य में सहयोग की भावना से दो कमरों के निर्माण के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके साथ ही प्रदेश के सभी नागरिकों को भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी।

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के जीवन से जुड़ा क्रौंच पक्षी का प्रसंग हमें बताता है कि महान साहित्य का जन्म केवल ज्ञान और प्रतिभा से नहीं, बल्कि संवेदनशील हृदय से भी होता है। दूसरों के दुःख को अनुभव करना और अन्याय के प्रति संवेदनशील रहना ही मानवता का वास्तविक आधार है।

उन्होंने कहा कि रामायण केवल अपने समय की कथा नहीं है, बल्कि हर युग के मनुष्य को आत्ममंथन का अवसर प्रदान करती है। आज भी हम अपने पारिवारिक, सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में इन मूल्यों से प्रेरणा प्राप्त कर सकते हैं। महर्षि वाल्मीकि का स्मरण हमें सामाजिक समरसता, समानता और मानवीय गरिमा के प्रति अपने वचनों को मजबूत करने का अवसर देता है। हमारा संविधान भी न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा के आदर्शों पर आधारित है। हमारा दायित्व है कि इन मूल्यों को केवल पुस्तकों और भाषणों तक सीमित न रखें, बल्कि अपने व्यवहार में उतारें।

सर्व समाज के सहयोग से ही प्रदेश और देश का उत्थान संभव : कृष्ण कुमार बेदी

हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि कोई भी समाज अकेले तरक्की नहीं कर सकता। सर्व समाज मिलकर ही किसी वर्ग, समाज और पूरे प्रदेश का उत्थान आसानी से कर सकते हैं। भगवान वाल्मीकि जी ने भी अपने अनुयायियों को यही संदेश दिया है कि समाज में प्रेम, भाईचारा और समानता से ही राष्ट्र मजबूत बनता है।

उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की धरती का महाभारत काल से ही भगवान वाल्मीकि के नाम से संबंध रहा है। यहां वाल्मीकि आश्रम वर्षों से स्थापित है और वर्ष 1958 से इस आश्रम में छात्रावास संचालित किया जा रहा है। इस छात्रावास ने प्रदेश को कई विधायक, मंत्री, अधिकारी और कर्मचारी दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश के राज्यपाल प्रोफेसर असीम घोष स्वयं एक शिक्षाविद रहे हैं। उनके इस आश्रम में आने से छात्रावास के विद्यार्थियों को शिक्षा और मार्गदर्शन का और अधिक लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि ने समाज को आदर्श, मर्यादा और ज्ञान का मार्ग दिखाया। आज हमें उनके आदर्शों पर चलते हुए समाज में फैली कुरीतियों और नशे जैसी बुराइयों को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि देश और प्रदेश में विपक्ष लगातार झूठ बोलकर भ्रम फैला रहा है। जनता को गुमराह करने की साजिश की जा रही है। इस भ्रम को दूर करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 5 नवंबर को करनाल में विशाल रोड शो करेंगे और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे झूठ का जनता के बीच जाकर जवाब देंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले वर्षों में बिना भेदभाव के हर वर्ग के उत्थान के लिए काम किया है। सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में सरकार ने ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह केवल झूठ का सहारा ले रहा है।

इस कार्यक्रम में टूरिज्म विभाग के जीएम राजीव प्रसाद, एसडीएम अमन कुमार, एसपी जेल सिरसा जसवंत सिंह, डा. धर्मेंद्र, चेयरमैन गुरनाम सिंह सैनी, जिला अध्यक्ष रमेश सैनी, वाल्मीकि सभा के प्रधान जंगीर सिंह, जाट महासभा के प्रधान कृष्ण श्योकंद, तारा चंद, ऋषिपाल बेदी, दीपक गिल, रामनाथ, जोगीराम सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे

By Balwinder Singh

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