झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपेगी पंजाब सरकार, CM भगवंत मान का ऐलान; फ्रांस दौरे को लेकर भी चर्चा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने 20 अक्टूबर को यह फैसला झोटा के परिवार की मांग स्वीकार करते हुए लिया। परिवार इस मामले में CBI जांच की मांग को लेकर कई दिनों से धरने पर बैठा था। 

परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक मेडिकल स्टोर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय वह कथित तौर पर प्रतिबंधित या नशीली दवाओं की बिक्री के खिलाफ आवाज उठा रहे थे और फेसबुक लाइव कर रहे थे। इस घटना में उनके चार साथी भी घायल हुए थे। हत्या के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

झोटा के परिवार और इंसाफ कमेटी ने मामले की जांच CBI से कराने की मांग की थी। परिवार का कहना था कि जब तक उनकी मांग स्वीकार नहीं की जाती, तब तक वे झोटा का पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। घटना के बाद से उनका शव मानसा के सिविल अस्पताल में रखा हुआ था। इस मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी आवाज उठाई। 

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर कहा कि सरकार झोटा के पिता और परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पंजाब को नशामुक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। सरकार के इस फैसले से परिवार की प्रमुख मांग स्वीकार कर ली गई है। अब मामले की जांच CBI द्वारा किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज रही। शाह ने झोटा के परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिया। उन्होंने नशे की समस्या से प्रभावित अन्य परिवारों से भी मुलाकात की। इस घटनाक्रम के बीच पंजाब में नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। 

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रस्तावित फ्रांस दौरे को लेकर भी हाल ही में चर्चा हुई थी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को उन्हें फ्रांस जाने की अनुमति दी थी। केंद्र सरकार ने पहले सुरक्षा संबंधी चिंताओं और औपचारिक निमंत्रण को लेकर आपत्ति जताई थी, जबकि पंजाब सरकार ने इसे भेदभावपूर्ण रवैया बताया था। 

फिलहाल झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने का फैसला इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों से हत्या की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों के बारे में अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है। परिवार और समर्थक अब मामले में निष्पक्ष जांच तथा न्याय की मांग कर रहे हैं।

By Gurpreet Singh

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