पंजाब में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बुलाए गए बंद के दौरान लुधियाना में एक दर्दनाक हादसा हो गया। जमालपुर इलाके में प्रदर्शन में शामिल 22 वर्षीय युवक जशनदीप सिंह की हाईटेंशन बिजली की तारों की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। साथी प्रदर्शनकारी उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
लोहे की रॉड हाईटेंशन तार से टकराई
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जशनदीप सिंह जमालपुर में चंडीगढ़ रोड पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह लोहे की रॉड की मदद से एक बैनर उतार रहा था। इसी दौरान रॉड ऊपर से गुजर रही करीब 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई। करंट लगने से युवक सड़क पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे संभाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
CM के होर्डिंग को लेकर अलग-अलग दावे
घटना के बाद यह चर्चा सामने आई कि युवक मुख्यमंत्री भगवंत मान का होर्डिंग उतार रहा था। हालांकि, परिवार ने इस दावे पर आपत्ति जताई। मृतक के चचेरे भाई सतनाम सिंह के मुताबिक, जशनदीप झोटा हत्याकांड के विरोध में शांतिपूर्वक प्रदर्शन में हिस्सा लेने पहुंचा था। परिजनों ने बिजली की हाईटेंशन तारों और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ऐसे में बैनर हटाने की परिस्थितियों और हादसे के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। रिपोर्टों के अनुसार, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं। फिलहाल, इस मामले में जांच पूरी होने से पहले किसी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
जशनदीप सिंह की मौत ऐसे समय हुई, जब पंजाब में झोटा हत्याकांड के विरोध में बंद का आह्वान किया गया था। राज्य के कई हिस्सों में बाजार बंद रहे और प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर विरोध जताया। इस दौरान हुई दुर्घटना ने प्रदर्शन स्थलों के आसपास बिजली की लाइनों और अन्य सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
