हरियाणा के पानीपत में खुले नाले और अधूरे पड़े निर्माण कार्य लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। अब एक बच्चे के खुले नाले में गिरने की घटना सामने आई है। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकालकर उसकी जान बचाई। हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, बच्चा सड़क से गुजर रहा था, तभी वह खुले नाले में गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे गिरते देखा तो तुरंत मदद के लिए आगे आए। लोगों ने बच्चे को नाले से बाहर निकाला। समय रहते मदद मिलने के कारण उसकी जान बच गई। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
पहले महिला और बाइक सवार भी गिर चुके
पानीपत में खुले नाले और गड्ढों के कारण पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। अगस्त 2026 में देवी मंदिर-बरसत रोड पर करीब सात से आठ फीट गहरे खुले नाले में एक महिला गिर गई थी। आसपास के दुकानदारों ने महिला को बाहर निकाला था। इस घटना का वीडियो भी सीसीटीवी में कैद हुआ था। स्थानीय लोगों ने उस समय भी अधूरे निर्माण कार्य और सुरक्षा इंतजामों की कमी पर सवाल उठाए थे।
इसके बाद सितंबर में पानीपत के बिचपड़ी रोड पर एक युवक खुले सीवर मैनहोल में गिर गया था। इससे पहले इसी इलाके में मोटरसाइकिल सवार दो युवकों के खुले गड्ढे में गिरने की घटना भी सामने आई थी। लगातार सामने आ रहे हादसों ने सड़क और सीवर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
निर्माण कार्य अधूरा, सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पानीपत में सीवर लाइन बिछाने और सड़क निर्माण के लिए कई जगह खुदाई की गई थी। कुछ स्थानों पर काम अधूरा रहने और गड्ढों के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेत नहीं होने की शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे में राहगीरों, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
पहले हुए हादसों के बाद नगर निगम अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया था। रिपोर्टों के अनुसार, संबंधित ठेकेदार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और काम में लापरवाही को लेकर नोटिस भी जारी किया गया था। अधिकारियों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजाम करने और काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए थे।
बच्चे के नाले में गिरने की ताजा घटना के संबंध में उसकी पहचान, चोटों और सटीक स्थान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। हालांकि, पानीपत में पहले हुई ऐसी घटनाएं बताती हैं कि खुले नालों और गड्ढों को सुरक्षित करना जरूरी है, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
