पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद राज्य में तनाव बढ़ गया है। घटना के विरोध में विभिन्न संगठनों की संयुक्त एक्शन कमेटी ने 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का ऐलान किया है। कमेटी ने मामले की सीबीआई जांच, पीजीआई के डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम और अन्य मांगें उठाई हैं। वहीं, बुधवार को आरोपी के घर और मेडिकल स्टोर पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी।
परविंदर सिंह झोटा लंबे समय से मानसा में नशे और मेडिकल स्टोरों पर कथित तौर पर नशीली दवाओं की बिक्री के खिलाफ अभियान चला रहे थे। मंगलवार को एक मेडिकल स्टोर पर दुकान संचालक अश्वनी कुमार के साथ उनका विवाद हो गया। झोटा उस समय अपने मोबाइल फोन से फेसबुक लाइव कर रहे थे। विवाद के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें झोटा की मौत हो गई और उनके चार साथी घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर झोटा और उनके साथियों पर गोली चलाई थी।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और मंगलवार रात उसे राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार कर लिया। मामले में आरोपी की मदद करने के आरोप में उसके एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस हत्या के पीछे की परिस्थितियों और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
आरोपी के घर और मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई
बुधवार को जिला प्रशासन ने मानसा में आरोपी अश्वनी कुमार के घर के एक हिस्से और मेडिकल स्टोर पर बुलडोजर चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई परिसर में कथित अनधिकृत निर्माण की जानकारी मिलने के बाद की गई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था, लेकिन इसके बावजूद आक्रोशित लोगों ने मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने दुकान से दवाइयां और सामान बाहर निकाला, जिसके बाद दुकान में आग लगा दी गई। घटना के दौरान इलाके में तनाव का माहौल बना रहा।
हत्या के बाद झोटा के परिजनों और समर्थकों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने सीबीआई जांच की मांग उठाई है और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। एक्शन कमेटी ने यह भी कहा है कि मांगें पूरी होने तक सिरसा-लुधियाना मुख्य मार्ग बंद रखा जाएगा। बंद के आह्वान के मद्देनजर पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में इसका असर देखने को मिल सकता है।
इस बीच, गैंगस्टर की ओर से बदला लेने की धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इस कथित धमकी के स्रोत और उसकी पूरी सामग्री की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस के सामने अब हत्या की जांच के साथ-साथ विरोध प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी है। प्रशासन की कार्रवाई और बंद के आह्वान के बीच मानसा में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
