लुधियाना में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथित टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। लुधियाना के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने बयान पर आपत्ति जताते हुए धीरेंद्र शास्त्री से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मंच से किसी भी धर्म के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने माफी नहीं मांगने पर कानूनी कार्रवाई की बात भी कही।
दरअसल, धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों लुधियाना के वर्धमान-ग्लाडा मैदान में श्री हनुमान कथा कर रहे हैं। कथा में रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। 27 सितंबर को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी कथा में शामिल हुए थे।
कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन धर्म की बात करते हुए एक टिप्पणी की, जिस पर विवाद शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि जो अपने पिता को पिता नहीं कहता और पड़ोसी को पिता कहता है, वह किसी काम का नहीं है। इसी दौरान उन्होंने भाई को सैंया और बहन को सैंया बनाने जैसी बात भी कही। उनके इस बयान को लेकर शाही इमाम ने आपत्ति जताई है।
शाही इमाम ने कहा कि लुधियाना में सभी धर्मों और समुदायों के लोग रहते हैं और शहर की पहचान आपसी भाईचारे से है। उन्होंने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। उनका कहना है कि धार्मिक प्रचारकों की जिम्मेदारी लोगों के बीच भाईचारा, शांति और प्रेम का संदेश देने की है।
रहमानी ने पंजाब की धार्मिक और सामाजिक परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि यह धरती विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच साझा विरासत के लिए जानी जाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक मंच से ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, जिससे समुदायों के बीच तनाव पैदा हो।
शाही इमाम ने धीरेंद्र शास्त्री से अपने बयान को लेकर माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो कानूनी कार्रवाई के विकल्प पर विचार किया जाएगा।
वहीं, लुधियाना में धीरेंद्र शास्त्री की हनुमान कथा जारी है। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और अपनी समस्याओं को लेकर अर्जियां भी लगा रहे हैं।
फिलहाल विवाद धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी और शाही इमाम की आपत्ति के बीच केंद्रित है। शास्त्री की ओर से इस आपत्ति के बाद कोई अलग स्पष्टीकरण या माफी संबंधी बयान सामने आने की जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं है।
