चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हालिया हिंसा की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) समेत किसी स्वतंत्र एजेंसी से हाईकोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है।
यह याचिका मंगलवार को एलपीयू के एक छात्र ने दायर की। इसके बुधवार को मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आने की संभावना है। रिपोर्ट तैयार किए जाने तक याचिका की प्रति उपलब्ध नहीं हो सकी थी।
याचिका एलपीयू परिसर में रविवार को हुए बड़े पैमाने के विरोध-प्रदर्शन के बाद दायर की गई है। सोशल मीडिया और मौखिक रूप से अपुष्ट दावे प्रसारित हुए थे कि छात्रावास के अंदर एक छात्रा का यौन उत्पीड़न किया गया है।
बाद में प्रदर्शन हिंसक हो गया। परिसर में पथराव और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) भी अवरुद्ध कर दिया, जिसके बाद क्षेत्र में 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा समेत उनकी जांच में यौन उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई साक्ष्य नहीं मिला। अधिकारियों ने इन दावों को मनगढ़ंत बताया है।
अब दायर पीआईएल में हाईकोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। याचिका में हिंसा और लगाए गए आरोपों से जुड़ी परिस्थितियों को अदालत के विचारार्थ रखा गया है।
