जालंधर के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में कथित रेप की घटना को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार तड़के हिंसक हो गया। सोशल मीडिया पर एक छात्रा के कथित रेप की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में जुट गए। प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय की संपत्ति में तोड़फोड़ की गई और कुछ जगहों पर आगजनी भी हुई। इसके बाद छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे को भी जाम कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की शुरुआत लड़कियों के हॉस्टल के पास हुई और देखते ही देखते अलग-अलग हॉस्टल से बड़ी संख्या में छात्र वहां पहुंच गए। करीब 2 बजे छात्रों की भीड़ मुख्य गेट की ओर बढ़ी। इस दौरान कैंपस में खिड़कियों के शीशे और अन्य सामान तोड़े गए। कुछ जगहों पर वस्तुओं में आग लगाए जाने की भी सूचना सामने आई। बाद में सुबह करीब 4 बजे छात्रों ने विश्वविद्यालय के बाहर जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे पर धरना देकर यातायात रोक दिया। इससे हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रदर्शन का मुख्य कारण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक दावा था, जिसमें एक छात्रा के साथ कथित रेप की बात कही गई थी। छात्रों का आरोप था कि घटना कुछ दिन पहले हुई और छात्रा को हॉस्टल से घर भेज दिया गया, लेकिन मामले में कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि पुलिस ने शुरुआत में कहा कि उसे कथित रेप की कोई शिकायत नहीं मिली थी और वायरल दावे की पुष्टि करने वाला कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया था।
जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि छात्रों के बयान के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से की जाएगी। जांच में फॉरेंसिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और फोन से जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने की बात भी कही गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कथित घटना में शामिल छात्रा की पहचान और आरोपी के बारे में जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने कहा कि फिलहाल किसी आरोपी की पहचान नहीं हुई है। छात्रों की ओर से हॉस्टल सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़ी अन्य मांगें भी रखी गई हैं। इनमें गर्ल्स हॉस्टल में महिला स्टाफ की तैनाती की मांग प्रमुख है। छात्रों और विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच इन मांगों को लेकर बैठक भी प्रस्तावित की गई।
वहीं, LPU प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही कथित रेप की खबरों को खारिज करते हुए इन्हें झूठा, निराधार और मनगढ़ंत बताया है। विश्वविद्यालय ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी पर विश्वास करें।
पुलिस की भारी तैनाती के बाद स्थिति को नियंत्रण में लिया गया और हाईवे पर यातायात बहाल किया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच के बाद ही कथित घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
