मोगा के कोट ईसे खां थाने की महिला एसएचओ सुनीता बावा और उनके साथ तैनात होमगार्ड जवान गुरवतर सिंह को विजिलेंस ब्यूरो ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि एक व्यक्ति को नशे के मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे पैसे मांगे जा रहे थे। विजिलेंस टीम ने ट्रैप लगाकर कार्रवाई की और होमगार्ड जवान को कथित तौर पर 50 हजार रुपए लेते हुए पकड़ा। बाद में पूछताछ के आधार पर एसएचओ सुनीता बावा को भी गिरफ्तार किया गया।
मामला मोगा के नूरपुर हकीमा गांव से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, कोट ईसे खां पुलिस ने कुछ दिन पहले खौसा रणधीर गांव के एक व्यक्ति को नशे से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि इसी जांच के दौरान पुलिस ने नूरपुर हकीमा निवासी राजविंदर सिंह को भी एनडीपीएस मामले में फंसाने की धमकी दी। उससे कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, पहले 50 हजार रुपए लिए जा चुके थे और इसके बाद दोबारा 50 हजार रुपए की मांग की जा रही थी। इसके बाद उसने विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद फिरोजपुर रेंज की विजिलेंस टीम ने ट्रैप लगाने की योजना बनाई। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर गगनदीप कौर ने किया।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, शनिवार रात करीब 9 बजे जीरा रोड पर एक निर्धारित स्थान पर सरकारी गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। इसी दौरान एसएचओ के गनमैन और होमगार्ड जवान गुरवतर सिंह को 50 हजार रुपए की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। इसके बाद पूछताछ और सामने आए तथ्यों के आधार पर एसएचओ सुनीता बावा को भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया।
विजिलेंस के मुताबिक, एसएचओ पर आरोप है कि वह अपने गनमैन के माध्यम से रिश्वत की मांग करती थीं। रिपोर्ट के अनुसार, सुनीता बावा पहले से ही विजिलेंस की निगरानी में थीं और उन पर इसी तरह रिश्वत मांगने के आरोप लगे थे। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतकर्ता से कुल रकम को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसमें परिवार को एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी देकर रकम मांगने और एक लाख रुपए में सौदा तय होने की बात कही गई है। कार्रवाई के दौरान होमगार्ड से 50 हजार रुपए बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है।
विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और विजिलेंस टीम मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। आरोपों में पुलिस पद के दुरुपयोग, रिश्वत की मांग और नशे के मामले में फंसाने की धमकी से जुड़े पहलुओं को जांच में शामिल किया जा रहा है।
