पंजाब सरकार के बेअदबी कानून पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने पंजाब सरकार को एल्टीमेटम दिया है। जत्थेदार गड़गज ने सरकार को कहा है कि तय समय सीमा यानि 30 सितंबर तक कानून की धाराओं में बदलाव करें, नहीं तो अकाल तख्त इस मामले में सख्त फैसला लेगा।
जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज जगराओं के गुरुद्वारा साहिब काउंके में एक समागम में शामिल होने आए थे। जत्थेदार ने कहा कि उन्होंने सरकार को कानून की धाराओं में आवश्यक बदलाव करने को कहा है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार तय समय पर बदलाव कर देगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने इसमें देरी की तो श्री अकाल तख्त साहिब से कठोर फैसला लिया जाएगा।
जत्थेदार गड़गज के इस सख्त रवैये से पंजाब सरकार मुश्किलों में घिर गई है। सरकार को जल्दी से जल्दी श्री अकाल तख्त साहिब की तरफ से जो सुझाव दिए गए हैं उनके अनुसार कानून की धाराओं के बदलाव करना होगा। अगर सरकार ने ऐसा नहीं किया तो फिर श्री अकाल तख्त साहिब से उनके खिलाफ कोई हुक्म नामा जारी हो सकता है।

संगत को संबोधित करते हुए जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज।
जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने लुधियाना में कही ये अहम बातें…
बेअदबी कानून संशोधन पर सरकार को चेतावनी: श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से जुड़े कानूनों में कड़े बदलाव को लेकर पंजाब सरकार के साथ चल रहे केस और बातचीत के संबंध में जत्थेदार गड़गज ने अपना रुख बेहद सख्त रखा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार को कानून की संबंधित धाराओं में जरूरी संशोधन करने के लिए 30 सितंबर तक का अंतिम समय दिया गया है।
जत्थेदार ने उम्मीद जताई कि सरकार अपनी प्रतिबद्धता और वादा पूरा करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार तय समय सीमा के भीतर कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं करती है, तो पंथ हित में श्री अकाल तख्त साहिब से सख्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा।
युवा देश की सबसे बड़ी ताकत, इतिहास से जुड़ना जरूरी: सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन की 38वीं सालगिरह के अवसर पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा गुरुसर काउंके में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के दौरान जत्थेदार गड़गज ने सिख युवाओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने युवाओं को राष्ट्र और समाज का मुख्य स्तंभ बताते हुए कहा कि किसी भी समाज की दिशा बदलने और एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने की क्षमता युवाओं में ही होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं की इस असीम ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए उन्हें अपनी गौरवशाली विरासत, इतिहास और गुरु साहिबान द्वारा स्थापित उच्च मानवीय आदर्शों एवं उसूलों से निरंतर जोड़े रखना बेहद आवश्यक है।
मीरी-पीरी के सिद्धांत से ही समाज का विकास संभव: जत्थेदार गड़गज ने सिख धर्म के महान ‘मीरी-पीरी’ (भक्ति और शक्ति) के सिद्धांत की गहराई को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह सिद्धांत इंसान को न केवल आध्यात्मिक (रूहानी) रूप से समृद्ध और सजग बनाता है, बल्कि उसे समाज, देश और पंथ के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध भी कराता है।
उन्होंने नौजवानों का आह्वान किया कि वे इस सिद्धांत को अपने व्यावहारिक जीवन में उतारें, अपनी सांस्कृतिक व धार्मिक जड़ों से जुड़ें और सामाजिक भलाई तथा लोक-कल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़कर सक्रिय भागीदारी निभाएं। अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी युवा पीढ़ी ही देश को एक मजबूत और सुरक्षित कल दे सकती है।
नशे से निपटने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई काफी नहीं: पंजाब की वर्तमान युवा पीढ़ी की स्थिति पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त करते हुए जत्थेदार गड़गज ने कहा कि आज राज्य का युवा नशे (ड्रग्स) के गंभीर जाल में फंसता जा रहा है, जिससे पंजाब अंदरूनी रूप से खोखला और कमजोर हो रहा है।
उन्होंने साफ कहा कि नशे के खिलाफ जंग को केवल पुलिस बल या कानूनी मुकदमों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इससे निपटने के लिए युवाओं को मजबूत नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और धार्मिक चेतना के साथ जोड़ना अनिवार्य है। उन्होंने युवाओं से नशे की बुराई को पूरी तरह त्याग कर खंडे-बाटे का अमृत छककर गुरु वाले बनने की अपील की।
समय पर शादी और मजबूत परिवार की सलाह: देश के सामाजिक ताने-बाने और अल्पसंख्यकों के समक्ष उत्पन्न हो रही विभिन्न भावी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए जत्थेदार गड़गज ने युवाओं को एक महत्वपूर्ण पारिवारिक सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि देश व समाज की स्थिरता और प्रगति के लिए पारिवारिक ढांचे का मजबूत होना बुनियादी जरूरत है।
उन्होंने सिख युवाओं को सही समय पर शादी करने और अपने परिवार को व्यवस्थित व मजबूत बनाने का सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने युवा जोड़ों से दो से तीन बच्चे पैदा करने की अपील की, ताकि समाज में जनसांख्यिकीय संतुलन और सामर्थ्य बना रहे।
