वाशिंगटन (राजीव शर्मा): अमेरिकी अधिकारियों ने जेनेटिक टेस्टिंग (आनुवंशिक जांच) के नाम पर मेडिकेयर से लगभग 9.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर के फर्जी दावे प्रस्तुत करने की साजिश रचने के आरोप में भारतीय मूल के एक व्यक्ति को भगोड़ा घोषित किया है।
अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (Department of Health and Human Services) के अनुसार, खादीर खान मोहम्मद ने ‘अमेरिकन प्रीमियर’ नामक कंपनी का उपयोग करके ऐसे जेनेटिक प्रयोगशाला परीक्षणों के बिल पेश किए—या दूसरों के जरिए पेश करवाए—जो मेडिकेयर प्रतिपूर्ति (reimbursement) के पात्र नहीं थे।
अधिकारियों ने बताया कि इस फर्जीवाड़े के जरिए मेडिकेयर से कम से कम 6.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का भुगतान हासिल कर लिया गया। विभाग के महानिरीक्षक कार्यालय (Office of Inspector General) के मुताबिक, 2023 में महज 10 दिनों की अवधि के भीतर ही इस गिरोह से जुड़े संदिग्ध फर्जी दावों के जरिए करीब 1.3 करोड़ डॉलर का भुगतान करवा लिया गया था।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि मोहम्मद ने अगस्त 2023 से अक्टूबर 2024 के बीच टेक्सास के नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट और अन्य स्थानों पर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
आरोपों के तहत, जेनेटिक टेस्ट के फर्जी बिल जमा करने के लिए डॉक्टरों की जानकारी और सहमति के बिना उनकी निजी पहचान विवरण (personal identifying information) का दुरुपयोग किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन डॉक्टरों का उन मेडिकेयर लाभार्थियों के इलाज से कोई लेना-देना नहीं था, जिनके नाम पर यह दावे किए गए थे।
स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग का कहना है कि न तो डॉक्टरों ने इन परीक्षणों की सिफारिश की थी और न ही मरीजों के चिकित्सकीय इलाज में इन टेस्टों का कोई उपयोग हुआ था।
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि मोहम्मद इस समय भारत के हैदराबाद में मौजूद है, जिसके चलते उसे औपचारिक रूप से भगोड़ा घोषित किया गया है।
यह पूरा मामला बुजुर्ग नागरिकों और अन्य पात्र लाभार्थियों के लिए अमेरिकी सरकार के संघीय स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम ‘मेडिकेयर’ के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में जेनेटिक परीक्षणों के ऐसे भारी-भरकम दावों का पर्दाफाश हुआ है, जिन्हें अवैध रूप से भुगतान के लिए जमा किया गया था।
मोहम्मद के खिलाफ लगे ये आरोप अदालत में सिद्ध होने तक केवल आरोप हैं। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा उसे भगोड़ा घोषित किया जाना इस बात को दर्शाता है कि मामले का सामना करने के दौरान उसके अमेरिका से बाहर होने की पुष्टि हो चुकी है।
