झारखंड में भारतनेट को मिलेगी नई रफ्तार, डीबीएन समेत पांच संस्थाओं के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करने और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दूरसंचार विभाग (डीओटी) के तहत डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) ने आज नई दिल्ली के संचार भवन में राज्य के नेतृत्व वाले मॉडल के तहत राज्य में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) के कार्यान्वयन के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

झारखंड राज्य में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए डिजिटल भारत निधि (डीबीएन), दूरसंचार विभागः झारखंड सरकारः झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेडीआईसीएल), भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और झारखंड कम्युनिकेशन नेटवर्क लिमिटेड (जेसीएनएल) के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) के प्रशासक श्री श्यामल मिश्रा, भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के निदेशक (एंटरप्राइज बिजनेस – ईबी) श्री पापा सुधाकर राव और दूरसंचार विभाग एवं बीएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में समझौता हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया गया। समझौते पर दूरसंचार विभाग के डीडीजी (एबीपी कार्यान्वयन-I) श्री दिनेश कुमार गर्ग और झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग एवं ई-गवर्नेंस की सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने हस्ताक्षर किए।

इस समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम के त्वरित कार्यान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह ग्रामीण डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, अंतिम-मील कनेक्टिविटी को बढ़ाने और समावेशी डिजिटल विकास को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार और झारखंड सरकार की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त 2023 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य वर्तमान भारतनेट नेटवर्क को उन्नत, सुदृढ़ और विस्तारित करना था ताकि मांग के आधार पर सभी ग्राम पंचायतों और गांवों को मजबूत तथा भविष्य के लिए तैयार ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके।

झारखंड में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत, यह परियोजना “झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेडीसीएल)” नामक एक नए विशेष उद्यम (एसपीवी) के माध्यम से कार्यान्वित की जाएगी। इस कार्यक्रम में कुल 4,395 ग्राम पंचायतें शामिल होंगी, जिनमें नेटवर्क की मजबूती बढ़ाने के लिए 4,387 ग्राम पंचायतों को लीनियर से रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड करना और 8 नवगठित ग्राम पंचायतों को शामिल करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, अंतिम-मील कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 26,777 गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।

भारत सरकार ने झारखंड में इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए 1,684 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। इस पहल से भारत सरकार की सब्सिडी सहायता के साथ चार लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर कनेक्शन स्थापित होने की उम्मीद है। इससे राज्य के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान और नागरिक-केंद्रित सेवाओं सहित डिजिटल सेवाओं के वितरण में उल्लेखनीय सुधार होगा।

आज हस्ताक्षरित समझौते से झारखंड में कार्यक्रम के क्रियान्वयन में तेजी आने और डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था के विजन के आगे बढ़ने की उम्मीद है।

डिजिटल भारत निधि के बारे में

डिजिटल भारत निधि (पूर्व में यूएसओएफ) की स्थापना भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत 01.04.2002 से हुई थी। दूरसंचार अधिनियम, 2023 के अनुसार, सार्वभौमिक सेवा दायित्व कोष अब डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) बन गया है। डीबीएन का दायित्व ग्रामीण, दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की उपलब्धता और वितरण को बढ़ावा देकर सार्वभौमिक सेवा में सहायता करना है। यह संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (डीओटी) का एक संबद्ध कार्यालय है।

डीबीएन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए, इसमें भारतनेट, 4जी सैचुरेशन प्रोजेक्ट, आकांक्षी जिलों के सेवारहित क्षेत्रों में मोबाइल सेवा का प्रावधान, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं, हिमालयी और सीमावर्ती क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं, द्वीपों में मोबाइल सेवाएं और उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं सहित विभिन्न योजनाएं और परियोजनाएं शामिल हैं।

अधिक जानकारी के लिए डीओटी हैंडल्स को फॉलो करें: –

एक्‍स – https://x.com/DoT_India

इंस्टाग्राम- https://www.instagram.com/department_of_telecom?igsh=MXUxbHFjd3llZTU0YQ==

फेसबुक – https://www.facebook.com/DoTIndia

यूट्यूब: https://youtube.com/@departmentoftelecom?si=DALnhYkt89U5jAaa

By Rajeev Sharma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *