हरियाणा के जींद में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने यहां स्टेट जीएसटी एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर (ईटीओ) और चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते दबोच लिया।
ईटीओ ने एक कंपनी को पहले 75 लाख रुपए का जीएसटी नोटिस भिजवाया। उसके बाद केस सेटल करने के लिए प्राइवेट सीए के माध्यम से 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी।
सूचना मिलने के बाद एसीबी ने ट्रैप बिछाया। वीरवार को टीम ने पहले सीए अजय शर्मा को 3 लाख रुपए लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। उसके बाद ऑफिस जाकर ईटीओ को अरेस्ट किया।

विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम आरोपी ईटीओ को पकड़कर ले जाती हुई।
अब जानिए क्या थी शिकायत, कैसे हुई कार्रवाई…
- 75 लाख रुपए का नोटिस दिया: ईगराह गांव निवासी अमन ने एंटी करॅप्शन ब्यूरो को शिकायत देकर बताया कि 6 अगस्त को उसकी फर्म को SGST का नोटिस आया था। 75 लाख रुपए के नोटिस को दबाने के लिए 5 लाख रुपए रिश्वत की डिमांड की गई। जिस पर टीम ने शिकायत दर्ज कर रेड पार्टी का गठन किया।
- सीए के जरिए हुई लेन-देन की बातचीत: अमन ने सीए अजय शर्मा से बात की तो उसने SGST के ईटीओ देवाश साहू से बातचीत कर सेटिंग करवाने की बात की। जिसमें दोनों पक्षों के बीच 3 लाख रुपए एडवांस व 2 लाख रुपए काम होने के बाद देने को लेकर सहमति बनी। उधर, इस पूरी डील की खबर अमन ने पहले ही एंटी करॅप्शन ब्यूरो को दे दी थी।
- 3 लाख रुपए लेते हुए पकड़ा: एंटी करप्शन ब्यूरो के जींद यूनिट के इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह के अनुसार, टीम ने रेड के लिए सिंचाई विभाग के एसडीओ दीपांश को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करवाया तथा उनकी मौजूदगी में गुरुवार को रेड की गई। जिसमें पहले सीए अजय शर्मा को रिश्वत के 3 लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जिसके बाद ऑफिस में जाकर टीम ने ईटीओ देवाश साहू को गिरफ्तार किया।
फर्म बंद करवाना चाहता था पीड़ित
इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि अमन नाम के युवक ने पटियाला चौक पर इलेक्ट्रिक यूरिया की अमन लेलैंड नाम से फर्म खोली थी। उधार देने के बाद उसकी पूरी पूंजी हेल्ड हो गई थी। इसके बाद वो अपनी फर्म को बंद करवाना चाहता था। क्योंकि उसने 3 महीने पहले अपना काम बंद करवा दिया था।
जब उसने विभाग से संपर्क किया तो उसे 75 लाख रुपए का नोटिस वॉटसअप पर भेजा गया। जिसके बाद रिश्वत की डिमांड की गई थी।
