चंडीगढ़ (गुरप्रीत सिंह): मानसून के सुस्त पड़ने के साथ ही पंजाब भर में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है। मंगलवार को केवल तीन जिलों में छिटपुट स्थानों पर ही बौछारें पड़ने के आसार हैं। दूसरी ओर, चंडीगढ़ में अधिकांश समय बादल छाए रहने का अनुमान है, जहां हवा में बढ़ती नमी के कारण तापमान सामान्य के करीब रहने के बावजूद उमस और चिपचिपी गर्मी का अहसास बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है। राज्य के शेष अधिकांश इलाकों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बने रहने की संभावना है।
मौसम में यह बदलाव सोमवार को राज्य में बहुत कम वर्षा दर्ज किए जाने के बाद देखने को मिला है। हालांकि पहले 14 जिलों में बौछारों का अनुमान लगाया गया था, लेकिन केवल पठानकोट ही ऐसा जिला रहा जहां नाममात्र 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बठिंडा में दर्ज हुआ राज्य का सबसे अधिक तापमान
बारिश थमने के साथ ही पारे में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पंजाब का औसत अधिकतम तापमान पिछले दिन के मुकाबले 0.7°C बढ़ गया, हालांकि आंकड़े अभी भी इस मौसम के सामान्य औसत के आसपास बने हुए हैं।
36.4°C के साथ बठिंडा राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि पठानकोट में सबसे कम अधिकतम तापमान 31.2°C रिकॉर्ड किया गया।
चंडीगढ़ में मुख्य रूप से आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। बारिश की कमी और वायुमंडल में लगातार बनी नमी के चलते दिन के समय शहरवासियों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
दो पश्चिमी विक्षोभ मौसम को कर रहे प्रभावित
मौजूदा मौसमी परिस्थितियां कई वायुमंडलीय प्रणालियों के मिले-जुले असर से तय हो रही हैं। पंजाब और चंडीगढ़ के नजदीकी क्षेत्रों में इस समय दो पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय हैं।
एक मौसमी तंत्र कश्मीर और उसके आसपास के इलाकों के ऊपर बना हुआ है, जबकि दूसरा ऊपरी वायुमंडल में मौजूद है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी देश के उत्तरी हिस्सों से होकर गुजर रही है।
इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मौसम विभाग द्वारा चिन्हित तीन जिलों में छिटपुट बौछारों की संभावना तो बनी हुई है, लेकिन फिलहाल पूरे पंजाब में व्यापक बारिश के कोई संकेत नहीं हैं।
भाखड़ा और पोंग बांध खतरे के निशान से नीचे
पंजाब के प्रमुख जलाशयों में जलस्तर खतरे के निशान से सुरक्षित नीचे बना हुआ है।
भाखड़ा बांध का जलस्तर 1,643 फीट दर्ज किया गया। बांध में 37,778 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी, जबकि निकासी 25,300 क्यूसेक रही।
पोंग बांध का जलस्तर 1,372.14 फीट रिकॉर्ड किया गया, जहां 20,689 क्यूसेक की आवक के मुकाबले 10,011 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।
दोनों जलाशयों में पानी की मौजूदा आवक निकासी की मात्रा से अधिक बनी हुई है। मौसम की परिस्थितियों और पहाड़ों से पानी के बहाव को देखते हुए अधिकारी जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
मानसून के कमजोर पड़ने से आने वाले दिनों में पंजाब में बारिश की रफ्तार थमी रहने के आसार हैं, जबकि बादलों की आवाजाही और बढ़ती उमस चंडीगढ़ समेत राज्य के कई हिस्सों में लोगों की बेचैनी बढ़ा सकती है।
