चंडीगढ़ (गुरप्रीत सिंह): पंजाब के कई हिस्सों में सोमवार को बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है, हालांकि हालिया नम मौसम के धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने आगामी सप्ताह के लिए बारिश का कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन 7 सितंबर को 14 जिलों में छिटपुट बौछारें पड़ने के आसार हैं।
चंडीगढ़ में अधिकांश समय बादल छाए रहने का अनुमान है। धूप की कमी और हवा में लगातार नमी के कारण मौसमी तापमान सामान्य के करीब रहने के बावजूद लोगों को उमस का सामना करना पड़ सकता है।
राज्य के अधिकतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले 0.1 डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट दर्ज की गई। 35.6°C के साथ बठिंडा पंजाब का सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 34.4°C रिकॉर्ड किया गया।
14 जिलों में बौछारों के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र ने पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
इसके अतिरिक्त अमृतसर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, संगरूर और मानसा में भी कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हो सकती है।
पंजाब के कई हिस्सों में रविवार को भी रुक-रुक कर बारिश हुई थी। इस दौरान रूपनगर में 4.5 मिमी और पठानकोट में 7.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। लुधियाना में 0.5 मिमी, होशियारपुर में 3 मिमी, फिरोजपुर में 0.5 मिमी और बठिंडा में 1 मिमी पानी बरसा। अमृतसर में भी बारिश दर्ज की गई, हालांकि उपलब्ध आंकड़ों में इसका कुल योग शामिल नहीं था।
पंजाब के करीब बनी हुई है मानसून ट्रफ
मौसम की मौजूदा परिस्थितियां पंजाब के पास से गुजर रही मानसून ट्रफ से प्रभावित हो रही हैं, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
साथ ही, कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय है, जबकि ऊपरी वायुमंडल में एक अन्य मौसम तंत्र विकसित हो रहा है। ये मौसमी कारक क्षेत्र में बादलों की आवाजाही और छिटपुट बारिश को बनाए रखने में योगदान दे सकते हैं।
पंजाब ने बाहरी स्रोतों से ली 7,720 मेगावाट बिजली
इस बीच, राज्य में बिजली की मांग काफी अधिक बनी रही। पंजाब में 12,308 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज की गई, जिसके तहत राज्य ने 8,205 मेगावाट की निर्धारित निकासी के मुकाबले बाहरी स्रोतों से 7,720 मेगावाट बिजली प्राप्त की।
इसका मतलब है कि वास्तविक बाहरी निकासी निर्धारित स्तर से 485 मेगावाट कम रही। ग्रिड फ्रीक्वेंसी 49.96 हर्ट्ज दर्ज की गई।
भाखड़ा और पोंग बांध का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे
राज्य के प्रमुख जलाशयों में जलस्तर खतरे के निशान से सुरक्षित नीचे बना हुआ है।
भाखड़ा बांध का जलस्तर 1,642.3 फीट दर्ज किया गया, जो इसके 1,680 फीट के खतरे के निशान से 37.7 फीट कम है। बांध में 40,006 क्यूसेक पानी की आवक (इनफ्लो) हो रही थी, जबकि 25,388 क्यूसेक पानी छोड़ा (आउटफ्लो) जा रहा था।
पोंग बांध में जलस्तर 1,371.75 फीट रहा, जो 1,390 फीट के खतरे के स्तर से 18.25 फीट नीचे है। यहां पानी की आवक 19,060 क्यूसेक और निकासी 10,025 क्यूसेक दर्ज की गई।
पंजाब में मानसून की बारिश 34% कम
हाल के दिनों में कई जिलों में हुई बारिश के बावजूद, पंजाब इस सीजन में मानसूनी बारिश की भारी कमी से जूझ रहा है।
इस मानसून में राज्य में अब तक केवल 256.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि का सामान्य आंकड़ा 385.8 मिमी है। यह 129.6 मिमी यानी लगभग 34% की भारी कमी को दर्शाता है।
यद्यपि सोमवार को पंजाब के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश की संभावना है, लेकिन पूरे सप्ताह के लिए किसी व्यापक चेतावनी का न होना यह संकेत देता है कि बारिश का यह दौर अब धीरे-धीरे धीमा पड़ जाएगा।
