चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): पंजाब में फसल विविधीकरण को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने और राज्य के बागवानी क्षेत्र को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना में हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी। यह पहल 1,300 करोड़ रुपये की परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बागवानी का विस्तार करना, वैल्यू चेन को मजबूत करना और किसानों की आय बढ़ाना है। उल्लेखनीय है कि पंजाब ने वर्ष 2036 तक बागवानी के तहत क्षेत्रफल को बढ़ाकर 16 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा है।
बागवानी विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य बागवानी के तहत क्षेत्र का विस्तार करना और मजबूत वैल्यू चेन बुनियादी ढांचे के माध्यम से बागवानी फसलों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल फसल विविधीकरण के जरिए किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने और पानी के संरक्षण के लिए टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।




मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में इस समय 41.25 लाख हेक्टेयर भूमि खेती के अधीन है, जिसमें से 5.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बागवानी के तहत आता है। इस क्षेत्र से 106.10 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है।
उन्होंने कहा कि बागवानी में फलों, सब्जियों, मसालों एवं सुगंधित पौधों, फूलों तथा अन्य उत्पादों की खेती शामिल है। राज्य में प्रमुख फलों में किन्नू और अमरूद, जबकि प्रमुख सब्जियों में आलू और मटर शामिल हैं। इसके अलावा मधुमक्खी पालन और मशरूम की खेती भी बागवानी क्षेत्र का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानी में विविधता लाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से JICA के सहयोग से 1,300 करोड़ रुपये की इस परियोजना को मंजूरी दी गई है। परियोजना के तहत मशीनरी, बुनियादी ढांचे, मार्केटिंग, बीज और अनुसंधान में निवेश की संभावना है। इसके तहत वर्ष 2036 तक बागवानी के अधीन क्षेत्र को बढ़ाकर 16 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है, जो मौजूदा स्तर की तुलना में लगभग 300 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता एक टिकाऊ बागवानी वैल्यू चेन विकसित करना, बागवानी के तहत क्षेत्र का विस्तार करना और किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली एवं लाभकारी पौध सामग्री उपलब्ध कराने के लिए नर्सरियों में विविधता और सुधार को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही फसल कटाई के बाद प्रबंधन के लिए बुनियादी ढांचे का विकास, बाजार तक पहुंच में सुधार, विस्तार सेवाओं को मजबूत करने और तकनीकी सहायता प्रणाली को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में स्थापित होने वाला हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर एक व्यापक और महत्वपूर्ण पहल है। यह केंद्र अनुसंधान, तकनीकी ज्ञान, क्षमता निर्माण और आधुनिक बागवानी पद्धतियों को अपनाने के लिए संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पहल से गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री और खेती से लेकर फसल कटाई के बाद प्रबंधन, मार्केटिंग और बाजार तक पहुंच तक पूरे बागवानी इकोसिस्टम को मजबूत करने की उम्मीद है। इससे टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
बैठक में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, कृषि विभाग के सचिव अर्शदीप सिंह थिंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
