चंडीगढ़ IED केस में तीन आरोपियों की कोर्ट में पेशी, सतनाम सत्ता से कनेक्शन की जांच; पुलिस रिमांड मांग सकती है

चंडीगढ़ में IED और विस्फोटक सामग्री बरामद होने के मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस आरोपियों का रिमांड लेने की तैयारी में है, ताकि उनसे पूछताछ कर कथित आतंकी साजिश से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब हासिल किए जा सकें। पुलिस जांच में आरोपियों के विदेशी हैंडलर सतनाम सिंह उर्फ सत्ता नौशेरा से कथित संपर्क की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों को विस्फोटक सामग्री कहां से मिली और इसे चंडीगढ़ में कहां इस्तेमाल किया जाना था।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों को चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित ISBT के पीछे से गिरफ्तार किया गया था। इनके कब्जे से करीब 5 किलो जिलेटिन स्टिक, डेटोनेटर, पावर सोर्स, तार और रिमोट से संचालित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस समेत अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई। इसके अलावा पुलिस ने एक पिस्टल, मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। बरामद सामग्री को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लवप्रीत सिंह, जसनप्रीत सिंह उर्फ जसनदीप और प्रभप्रीत सिंह उर्फ प्रभ के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक तीनों की उम्र 19 से 21 वर्ष के बीच है और वे पंजाब के तरनतारन तथा अमृतसर जिलों से संबंधित हैं। प्रारंभिक जांच में उनके कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े होने की बात सामने आई है। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच अभी जारी है और मामले में अदालत के समक्ष पुलिस द्वारा सबूत पेश किए जाएंगे।

जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस अब कथित विदेशी हैंडलर सतनाम उर्फ सत्ता नौशेरा से आरोपियों के संपर्क और उन्हें मिले निर्देशों पर है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों को कथित तौर पर किसने संपर्क किया, विस्फोटक सामग्री किस माध्यम से उपलब्ध कराई गई और इसके पीछे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी से कथित नेटवर्क की आगे की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल सकती है।

पुलिस को शक है कि आरोपी चंडीगढ़ में IED लगाने की कथित योजना पर काम कर रहे थे। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी यह पता लगाने में जुटी हैं कि संभावित निशाना क्या था और घटना को अंजाम देने की कथित योजना कितनी आगे बढ़ चुकी थी। पुलिस ने बरामद सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच शुरू कर दी है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि विस्फोटक सामग्री की सप्लाई और आरोपियों के बीच संपर्क स्थापित करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

इस मामले के सामने आने के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने को कहा गया है। पुलिस का कहना है कि शहर में सुरक्षा और निगरानी के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

अब आरोपियों की कोर्ट में पेशी और संभावित पुलिस रिमांड पर सबकी नजर है। रिमांड मिलने पर जांच एजेंसियां आरोपियों से कथित आतंकी साजिश, विस्फोटक सामग्री के स्रोत, संभावित टारगेट और विदेशी संपर्कों के बारे में पूछताछ करेंगी। इस पूछताछ से मामले में जुड़े अन्य लोगों और कथित नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

By Gurpreet Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *