बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की संख्या 9 से बढ़कर 34 हुई

चंडीगढ़(बलविंदर सिंह): हरियाणा में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन को तेज एवं प्रभावी बनाने के लिए पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान का व्यापक उपयोग किया जा रहा है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में यहां हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि पीएम गतिशक्ति के माध्यम से चिन्हित, नियोजित या पूर्ण की गई परियोजनाओं की संख्या अप्रैल में 9 से बढ़कर अगस्त में 34 हो गई है।

मुख्य सचिव ने बैठक में ‘कम्पेंडियम ऑफ यूज केस ऑफ पीएम गतिशक्ति इन हरियाणा’ का विमोचन भी किया। उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं की योजना में इस प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करने तथा लंबित डेटा इंटीग्रेशन को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि पीएम गतिशक्ति स्टेट मास्टर प्लान पोर्टल पर अधिकारियों को एक्सेस उपलब्ध कराने के मामले में हरियाणा देश के राज्यों में प्रथम स्थान पर है। अब तक 720 से अधिक अधिकारियों को पोर्टल से जोड़ा जा चुका है और 244 क्षमता निर्माण सत्रों के माध्यम से 944 अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।

पीएम गतिशक्ति के जीआईएस आधारित टूल्स से परियोजनाओं की साइट असेसमेंट प्रक्रिया में भी उल्लेखनीय तेजी आई है। हिसार के प्रस्तावित जिला नागरिक अस्पताल और पानीपत के मतलौडा में प्रस्तावित बस टर्मिनल के लिए साइट असेसमेंट का समय लगभग 40-45 दिन से घटकर केवल 1-2 दिन रह गया है। वास्तुकला विभाग में भी यह समय 33-39 दिन से घटकर 1-2 दिन हुआ है।

सिंचाई विभाग ने हिसार-घग्गर ड्रेन के साथ विभिन्न विभागों की परिसंपत्तियों से जुड़े अतिक्रमणों की पहचान के लिए भी इस प्लेटफॉर्म का उपयोग किया। इससे प्रक्रिया का समय लगभग 45 दिन से घटकर 1-2 दिन रह गया तथा ग्राउंड वेरिफिकेशन में लगभग 95 प्रतिशत डेटा की सटीकता पाई गई।

औद्योगिक बुनियादी ढांचे की योजना के लिए एचएसआईआईडीसी ने राजस्व, सड़क, रेल, वन, सिंचाई, बिजली और कनेक्टिविटी सहित विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी को एकीकृत करने वाला जीआईएस आधारित टूल विकसित किया है। इसका उपयोग रेवाड़ी, जींद, फरीदाबाद, अंबाला, सोनीपत के राई तथा सारल व नारायणगढ़ में औद्योगिक मॉडल टाउनशिप की योजना में किया जा रहा है।

नूंह में पीएम गतिशक्ति के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की पहुंच का जीआईएस आधारित विश्लेषण किया गया है। इससे जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच के आधार पर जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिली है।

बैठक में बताया गया कि चिन्हित 82 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से 61 की मैपिंग पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म पर की जा चुकी है, जबकि अप्रैल में यह संख्या 40 थी। शेष परियोजनाओं की मैपिंग जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 23 विभागों द्वारा एपीआई के माध्यम से डेटा लेयर्स को जोड़ने की प्रक्रिया में से 22 विभागों ने प्रक्रिया शुरू या पूरी कर ली है।

मुख्य सचिव ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की मंजूरी के लिए एकीकृत एनओसी प्रणाली विकसित करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित विभागों द्वारा बीआईएसएजी-एन के तकनीकी सहयोग से इसका पायलट एप्लीकेशन विकसित किया जा रहा है।

श्री रस्तोगी ने जीएमडीए को गुरुग्राम के सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान को जल्द अंतिम रूप देने तथा फरीदाबाद के लिए भी इसी तरह की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को डेटा इंटीग्रेशन पूरा करने, आपसी समन्वय बढ़ाने और परियोजनाओं से संबंधित बाधाओं को दूर करने को कहा।

उन्होंने कहा कि पीएम गतिशक्ति का उद्देश्य बुनियादी ढांचा योजना को अधिक वैज्ञानिक और एकीकृत बनाना, परियोजनाओं की तैयारी में लगने वाले समय को कम करना तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है, ताकि सार्वजनिक निवेश का लाभ नागरिकों तक तेजी से पहुंच सके।

बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम के प्रबंध निदेशक श्री पंकज, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

By Balwinder Singh

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