पराली प्रबंधन मशीनों की वेरिफिकेशन और सब्सिडी जल्द जारी करने के अधिकारियों को निर्देश

चंडीगढ़(बलविंदर सिंह): हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी रबी सीजन के लिए गेहूं का गुणवत्तायुक्त बीज तथा खाद की पूरी मात्रा किसानों को समय पर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने पराली प्रबंधन स्कीम के तहत अवशेषों के प्रबंधन हेतु सरकार की ओर से सब्सीडी पर दिए जाने वाली मशीनों की फिजिकल वेरिफिकेशन करने और सब्सीडी की राशि जल्द से जल्द किसानों के खाते में भेजने के निर्देश दिए।

श्री राणा आज यहां अपने कार्यालय में फसलों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता की समीक्षा हेतु अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक श्री राजनारायण कौशिक , अतिरिक्त निदेशक और हरियाणा राज्य बीज प्रमाणन एजेंसी के निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) डॉ रामप्रताप सिहाग , अतिरिक्त निदेशक डॉ प्रदीप मील समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा को बैठक में जानकारी दी गई कि गेहूं का कच्चा बीज (रॉ-सीड) लगभग 40 लाख 64 हज़ार क्विंटल है जबकि प्रदेश में मात्र 17 -18 लाख क्विंटल बीज़ की ही बुआई हो पाती है। इस कच्चा बीज को प्रोसेसिंग तथा सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया जारी है और सितंबर माह तक यह बीज तैयार हो जाएगा। अक्टूबर माह में होने वाली गेहूं की बिजाई के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज़ उपलब्ध है।

श्री राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को चना और मसूर की फ़सल के लिए अच्छी गुणवत्ता का बीज़ उपलब्ध करवाने के लिए भी तैयारी करें ताकि किसानों को इन दालों की बिक्री से अच्छी आमदनी हो सके।

उन्होंने अधिकारियों को आगामी रबी सीजन की फसलों के लिए यूरिया , डीएपी तथा एनपीके आदि खादों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए ताकि किसानों को अपनी फसलों की बुआई तथा उनकी बढ़ोतरी के लिए समय पर उपलब्ध हो सके।

कृषि मंत्री को जानकारी दी गई कि आज तक यूरिया का 2,34,712 मीट्रिक टन , डीएपी 55,081 मीट्रिक टन, एनपीके 35,049 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 59,610 मीट्रिक टन स्टॉक में उपलब्ध है। श्री राणा ने बताया कि खाद वितरण कार्य को “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल से जोड़ने से किसानों को लाभ हुआ है , खाद की कोई कमी नहीं रही। साथ ही केंद्र सरकार को सब्सीडी की बचत के रूप में 863 करोड़ रूपये की भी बचत हुई है जिसके लिए केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार द्वारा उठाये गए इस कदम की काफ़ी प्रशंसा की थी।

श्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ” फ़सल अवशेष प्रबंधन” स्कीम में किसानों को दी जाने वाली मशीनों के बारे में विस्तार से समीक्षा की और किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही , उन्होंने प्रबंधन के लिए दी जाने वाली मशीनों सुपर सीडर , बेलिंग मशीन , हैप्पी सीडर , शर्ब मास्टर, जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल सहित अन्य मशीनों को समय पर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा मशीन की खरीद करने के तुरंत बाद मशीन की फिजिकल वेरिफिकेशन की जाए और जल्द से जल्द उस मशीन की सब्सीडी उनके बैंक खाते में भेज दी जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को खाद ,बीज तथा पराली प्रबंधन में प्रयोग की जाने वाली मशीनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

By Balwinder Singh

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