चमोली(राजीव शर्मा): उत्तराखंड के चमोली जिले में सुरंग हादसे के बाद लापता दो श्रमिकों की तलाश के लिए बचाव दलों का अभियान मंगलवार को भी जारी रहा। घटनास्थल से तीन जेसीबी मशीनें बाहर निकाल ली गई हैं, जिससे मलबा हटाने और तलाश अभियान को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।
यह हादसा 13 अगस्त को उस समय हुआ था, जब भूस्खलन के कारण मलबा और पानी टीएचडीसी इंडिया की मायापुर-पिपलकोटी सुरंग में घुस गया था। हादसे में आठ श्रमिकों की मौत हो गई थी, जबकि 12 अन्य को बचाकर उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के अनुसार, हादसे के बाद से एसडीआरएफ, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों के जवान मिलकर दोनों लापता श्रमिकों की तलाश कर रहे हैं।
सुरंग के अंदर बड़ी मात्रा में जमा गाद के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। उपलब्ध मशीनरी और उपकरणों की मदद से तलाश अभियान चलाने के साथ-साथ टीमें पानी बाहर निकालने का काम भी कर रही हैं।
चमोली के जिला सूचना अधिकारी धीरज कार्की ने बताया कि करीब तीन किलोमीटर लंबी सुरंग के अंदर फंसी पांच जेसीबी मशीनों में से तीन को बाहर निकाल लिया गया है। मशीनों को बाहर निकाले जाने से बचाव दलों को तलाश अभियान में आगे बढ़ने में मदद मिली है।
मलबे के नीचे दबी बाकी दो जेसीबी मशीनों को बाहर निकालने का प्रयास भी जारी है।
लापता दोनों श्रमिकों की पहचान झारखंड निवासी लुकास टोपनो और छत्तीसगढ़ निवासी चेतन पोयाम के रूप में हुई है।
बचाव एजेंसियों ने कहा कि सुरंग के अंदर कठिन परिस्थितियों के बावजूद अभियान जारी रहेगा। जमा गाद, पानी और मलबे के बीच काम करते हुए सभी टीमें आपसी समन्वय बनाए हुए हैं।
