नई दिल्ली(राजीव शर्मा): केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत डिपके की पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डिपके के आम आदमी पार्टी से संबंध हैं और वह जंतर-मंतर पर जारी युवाओं के प्रदर्शन के दौरान खुद को छात्र नेता के रूप में पेश कर रहे हैं।
मंगलवार को एएनआई से बातचीत में रिजिजू ने कहा कि छात्रों द्वारा उठाई जा रही चिंताओं को सुना जाना चाहिए, लेकिन राजनीतिक दलों को अपने हितों को आगे बढ़ाने के लिए छात्र आंदोलनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
रिजिजू ने कहा, “छात्रों की चिंताएं जायज हैं।” हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि आप और अन्य दल प्रदर्शन को “हाइजैक” करने की कोशिश कर रहे हैं।
डिपके पर सीधा निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह महाराष्ट्र से हैं और आप के साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने सवाल किया कि मौजूदा आंदोलन में उन्हें छात्र के रूप में पहचान कैसे मिल गई।
रिजिजू ने कहा कि सरकार युवा प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने और उन्हें प्रभावित करने वाले वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने राजनीतिक समूहों पर छात्र आंदोलनों की आड़ में काम करने का आरोप लगाया, खासकर चुनावों में झटके लगने के बाद।
मंत्री के अनुसार, छात्र सक्रियता और राजनीतिक लामबंदी को एक ही नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा अपने मुद्दों के प्रति ऊर्जा और ईमानदारी लेकर आते हैं, लेकिन राजनीतिक लोगों को इन भावनाओं का दलगत हितों के लिए फायदा नहीं उठाना चाहिए।
भाजपा और जेन-जी पर रिजिजू
रिजिजू ने इस धारणा को भी खारिज किया कि भाजपा जेन-जी से कट गई है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी के साथ संबंध बनाए रखने के लिए नियमित संवाद जरूरी है, न कि यह अपेक्षा करना कि युवा केवल अपने से बड़ों के विचारों को स्वीकार करते रहें।
एशियाई समाजों की परिवार-केंद्रित प्रकृति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि माता-पिता और बच्चों के बीच आमतौर पर घनिष्ठ संबंध बने रहते हैं। इसके विपरीत, पश्चिमी देशों में अक्सर अधिक व्यक्तिवादी सामाजिक ढांचे देखने को मिलते हैं।
रिजिजू ने जोर दिया कि राजनीतिक दलों और युवा मतदाताओं के बीच की दूरी निरंतर संवाद के जरिए कम की जा सकती है। इसके लिए युवाओं की बात सुनने के साथ-साथ उन्हें सरकार का पक्ष भी समझाना होगा।
डिपके का आप से पुराना संबंध
डिपके पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। बाद में उनकी राजनीतिक गतिविधियां व्यंग्यात्मक कॉकरोच जनता पार्टी की ओर मुड़ गईं। यह आंदोलन सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणियों के बाद सामने आया था।
डिपके के एक्स अकाउंट पर 2021 से 2024 के बीच की पोस्टों में भी आप के प्रति उनका पूर्व समर्थन दिखाई देता है। इससे उनके मौजूदा राजनीतिक संबंधों को लेकर सवाल उठे हैं।
रिजिजू की टिप्पणियों के बाद जंतर-मंतर प्रदर्शन में डिपके की भूमिका राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई है। हालांकि, व्यापक छात्र आंदोलन अब भी अपनी घोषित मांगों पर केंद्रित है।
