नई दिल्ली (राजीव शर्मा/गुरप्रीत सिंह): दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी ने एक तीखे राजनीतिक टकराव को जन्म दे दिया है। आप का आरोप है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य पार्टी पर दबाव बनाना है।
आप के वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से जैन का समर्थन किया है, उनके खिलाफ लगे आरोपों को खारिज किया है और उन परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं जिनके तहत यह मामला फिर से सामने आया है। पार्टी ने इस घटनाक्रम को विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में जैन की संगठनात्मक जिम्मेदारियों से भी जोड़ा है।
जैन के बचाव में उतरे केजरीवाल
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस नए मामले का भी वही हश्र होगा जो जैन से जुड़े पिछले मामले का हुआ था।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है और इस कार्रवाई को आप के खिलाफ एक व्यापक अभियान का हिस्सा बताया। उन्होंने जैन की पिछली जेल की अवधि को भी याद किया और कहा कि उस अनुभव ने उन पर गहरा असर डाला था।
आप प्रमुख ने कहा कि जब तक कानूनी प्रक्रिया चल रही है, पार्टी अपने पूर्व मंत्री के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
सिसोदिया ने उठाया पंजाब चुनाव का पहलू
मनीष सिसोदिया ने भी जैन की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए। उन्होंने पंजाब के लिए आप के सह-प्रभारी के रूप में जैन की भूमिका को रेखांकित किया और आरोप लगाया कि राज्य के आगामी चुनाव प्रचार में उनकी सक्रियता इस कार्रवाई के पीछे की एक वजह हो सकती है।
सिसोदिया ने दावा किया कि जैन पहले भी एक ऐसे मामले में लगभग ढाई साल हिरासत में बिता चुके हैं जिसे आप मनगढ़ंत मानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ताजा घटनाक्रम केंद्रीय एजेंसियों के जरिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाने के निरंतर प्रयास को दर्शाता है।
पार्टी ने टेंडर की टाइमलाइन पर उठाए सवाल
आप की पंजाब इकाई के नेता अनुराग ढांडा ने आरोपों के केंद्र में रहे दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर पर सवाल खड़े किए।
ढांडा ने तर्क दिया कि घटनाक्रम के समय की बारीकी से जांच होनी चाहिए, और दावा किया कि टेंडर से संबंधित अवधि के दौरान जैन हिरासत में थे। उन्होंने सवाल किया कि उन परिस्थितियों में पूर्व मंत्री इस प्रक्रिया से जुड़े फैसलों को कैसे प्रभावित कर सकते थे।
ढांडा ने आगे आरोप लगाया कि पंजाब में चुनाव तैयारियों को लेकर जैन की भूमिका ही इस ताजा कार्रवाई के पीछे का कारण है।
राजनीतिक लड़ाई हुई तेज
इस गिरफ्तारी ने आप और भाजपा के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक टकराव में एक और नया मोड़ ला दिया है। आप लगातार केंद्रीय जांच एजेंसियों पर चुनिंदा तरीके से विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाती रही है, जबकि उसके नेताओं से जुड़े मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहे हैं।
फिलहाल दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा बने हुए हैं, जबकि जैन के खिलाफ आरोपों की वैधता का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के जरिए तय होगा।
पंजाब विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण, जैन की गिरफ्तारी आप के लिए चुनाव प्रचार का एक प्रमुख मुद्दा बन सकती है, खासकर राज्य में उनकी संगठनात्मक जिम्मेदारियों को देखते हुए।
