कोटकपूरा-बहिबल कलां गोलीकांड: पंजाब पुलिस ने चंडीगढ़ अदालत में सीलबंद स्थिति रिपोर्ट सौंपी

चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): पंजाब पुलिस ने चंडीगढ़ की एक अदालत के समक्ष सीलबंद स्थिति रिपोर्ट पेश की है, जिनमें 2015 के कोटकपूरा और बहिबल कलां गोलीकांड की जांच में हुई प्रगति का विवरण दिया गया है। ये मामले पंजाब में बेअदबी की घटनाओं के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े हैं।

राज्य अभियोजन के माध्यम से ये रिपोर्ट पिछली सुनवाई के दौरान जारी निर्देशों के अनुपालन में पेश की गईं। दस्तावेजों की जांच करने के बाद अदालत ने आदेश दिया कि इन्हें सीलबंद ही रखा जाए और सुरक्षित अभिरक्षा में संरक्षित किया जाए।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद अप्रैल 2026 में इन मामलों को चंडीगढ़ सत्र अदालत में स्थानांतरित किया गया था। इस स्थानांतरण में कोटकपूरा गोलीकांड और उससे संबंधित संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कार्यवाही से जुड़े मुकदमों की सुनवाई शामिल है।

2015 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामले
ये घटनाएं वर्ष 2015 में बरगाड़ी और बुर्ज जवाहर सिंह वाला में सामने आई बेअदबी की घटनाओं के बाद हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई थीं।

उस वर्ष 14 अक्टूबर को बेअदबी की घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कोटकपूरा में पुलिस ने गोलीबारी की थी। बहिबल कलां में हुई अलग गोलीबारी में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी, जबकि कोटकपूरा की घटना में कई लोग घायल हुए थे।

इन मामलों में पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक सुमेध सिंह सैनी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आरोपी हैं। अन्य आरोपियों में परमराज सिंह उमरानंगल, चरनजीत सिंह शर्मा, अमर सिंह चहल और सुखमिंदर सिंह मान शामिल हैं।

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल भी कोटकपूरा गोलीकांड मामले में आरोपी हैं।

अदालत ने जांच की स्थिति की समीक्षा की
18 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई में अदालत ने अभियोजन को निर्देश दिया था कि अगली सुनवाई में जांच से संबंधित अद्यतन स्थिति रिपोर्ट पेश की जाए।

इन निर्देशों के बाद अभियोजन ने 1 अगस्त 2026 को रिपोर्ट पेश की। अदालत ने दर्ज किया कि दस्तावेज सीलबंद लिफाफों में प्रस्तुत किए गए थे।

राज्य की ओर से पेश अतिरिक्त लोक अभियोजक ने मामलों की प्रकृति और परिस्थितियों को देखते हुए रिपोर्टों को गोपनीय रखने का अनुरोध किया। इसके बाद अदालत ने लिफाफे खोले और रिपोर्टों की जांच की।

सामग्री की समीक्षा करने के बाद अदालत ने निर्देश दिया कि दस्तावेजों को दोबारा सीलबंद कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाए।

यह ताजा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब लंबे समय से लंबित ये गोलीकांड मामले चंडीगढ़ अदालत में जारी हैं और जांच की स्थिति अब न्यायिक विचार के लिए औपचारिक रूप से रिकॉर्ड पर रख दी गई है।

By Gurpreet Singh

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