पंजाब के सरकारी कर्मचारी, शिक्षक और पेंशनर्स अपनी लंबित मांगों को लेकर चंडीगढ़ में बड़े प्रदर्शन के लिए एकजुट हुए। यह प्रदर्शन पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान आयोजित किया गया, जिसमें राज्यभर से विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द मांगें पूरी करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि समाधान नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारी संगठनों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, महंगाई भत्ते (DA) की लंबित किस्तों का भुगतान, कच्चे, आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, खाली पदों पर भर्ती तथा सेवा संबंधी लंबित मामलों का समाधान शामिल है। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि सरकार ने कई बार आश्वासन दिया, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
कर्मचारी संगठनों ने कहा कि प्रदर्शन में शिक्षक, आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर, विभिन्न विभागों के कर्मचारी और पेंशनर्स शामिल हुए। उन्होंने सरकार से जल्द बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो राज्यव्यापी आंदोलन और उग्र करने की चेतावनी भी दी गई।
प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और विधानसभा क्षेत्र के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए, जबकि कर्मचारी संगठनों ने अपना आंदोलन शांतिपूर्ण रखने की बात कही।
