नई दिल्ली(राजीव शर्मा): सूरत स्थित एक RTI कार्यकर्ता ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के परिवार की वित्तीय स्थिति की जांच के लिए कई प्राधिकरणों से संपर्क किया है और संगठन की गतिविधियों के कानूनी व वित्तीय पहलुओं पर सवाल उठाए हैं।
RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग (ECI), केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और महाराष्ट्र सरकार को अलग-अलग शिकायतें सौंपी हैं।
तिवारी के अनुसार, एक शिकायत में उन्होंने अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके की वित्तीय संपत्तियों की जाँच की मांग की है; भगवानराव दिपके कथित तौर पर महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) में जूनियर इंजीनियर के रूप में कार्यरत रहे हैं।
तिवारी का तर्क है कि यदि भगवानराव दिपके की मासिक वेतन सीमा ₹60,000 से ₹65,000 के बीच थी, तो प्राधिकरणों को यह देखना चाहिए कि उनके बच्चों ने अमेरिका में उच्च शिक्षा कैसे प्राप्त की। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से यह अनुरोध किया है कि असमानुपातिक संपत्तियों (disproportionate assets) की जांच की जाए और यदि कोई वित्तीय अनियमितता पाई जाती है तो कार्रवाई की जाए।
एक अन्य शिकायत में तिवारी ने चुनाव आयोग से कॉकरोच जनता पार्टी की स्थिति की पड़ताल करने का आग्रह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संगठन राजनीतिक पार्टी की तरह काम कर रहा है और दान स्वीकार कर रहा है, जबकि यहलोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत पंजीकृत नहीं है।
तिवारी ने CBIC को एक पत्र भी लिखा है जिसमें बताया गया है कि राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने संगठन के समर्थन में कथित तौर पर ₹1 करोड़ का वित्तीय वचन दिया था। उन्होंने कर प्राधिकरणों से अनुरोध किया है कि वे यह जाँचे कि क्या उस राशि पर गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (GST) लागू होता है।
शिकायतों पर बोलते हुए तिवारी ने कहा कि प्राधिकरणों को यह सत्यापित करना चाहिए कि संगठन राजनीतिक संस्थाओं और सार्वजनिक धन से संबंधित कानूनी आवश्यकताओं का पालन कर रहा है या नहीं।
उन्होंने CJP के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों की भी आलोचना की और कहा कि जबकि आंदोलन की शुरुआत NEET पेपर लीक मामले पर केंद्रित थी, बाद में यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार के खिलाफ व्यक्तिगत हमलों की ओर शिफ्ट हो गया। तिवारी ने कहा कि ये आरोप भी उनकी प्रस्तुतियों में संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष शामिल हैं।
अब तक अभिजीत दिपके, कॉकरोच जनता पार्टी, कपिल सिब्बल, चुनाव आयोग, CBIC या महाराष्ट्र सरकार की ओर से इन शिकायतों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ये आरोप सत्यापित नहीं हुए हैं और किसी भी जांच प्राधिकरण ने अभी तक कोई निष्कर्ष घोषित नहीं किया है।
