प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वे पिछले करीब एक सप्ताह से डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती थे। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद वांगचुक ने कहा कि वह पहले नई दिल्ली स्थित राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे और इसके बाद अपने गृहक्षेत्र लद्दाख लौटेंगे।
सोनम वांगचुक को लंबी भूख हड़ताल के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने पर पहले सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम स्थानांतरित किया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चला और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें सोमवार को डिस्चार्ज कर दिया गया।
अस्पताल से बाहर आने के बाद वांगचुक ने कहा कि उनका संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने युवाओं और समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि वे राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और फिर लद्दाख लौटकर अपने सामाजिक एवं पर्यावरणीय अभियानों को आगे बढ़ाएंगे।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक ने कथित NEET परीक्षा अनियमितताओं और अन्य मुद्दों को लेकर लंबी भूख हड़ताल की थी। स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके स्वास्थ्य में सुधार के बाद अब उन्हें छुट्टी दे दी गई है।
