शिमला (राजीव शर्मा): हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रिय स्थितियां एक बार फिर देखने को मिलने वाली हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों के लिए व्यापक बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए ‘येलो’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि भारी बारिश से भूस्खलन, अचानक बाढ़ और यातायात बाधित हो सकता है।
IMD के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। इस चेतावनी के तहत मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना और चंबा शामिल हैं, जहाँ दिन भर मौसम अनिश्चित बने रहने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगातार हो रही बारिश से संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन, चट्टानें गिरने, बरसाती नालों के उफान पर आने और जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। पहाड़ी सड़कों के प्रभावित होने की भी संभावना है, जिससे अस्थायी रूप से रास्ते बंद होने और यात्रा में देरी का जोखिम बढ़ जाएगा।
मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने का आग्रह किया है, विशेष रूप से भूस्खलन के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में। निवासियों को नदियों, नालों और अन्य निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है जहाँ अचानक बाढ़ आ सकती है। पहाड़ी सड़कों का उपयोग करने वाले चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी यातायात दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।
मौसम वैज्ञानिकों ने संकेत दिया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश को प्रभावित करता रहेगा, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बार-बार बारिश का दौर जारी रहेगा।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य प्रशासन ने जिला अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने जनता से आधिकारिक मौसम बुलेटिन के माध्यम से सूचित रहने, अफवाहें फैलाने से बचने और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करने की अपील की है।
IMD ने कहा कि वह मौसम के बदलते मिजाज पर पैनी नजर रख रहा है और स्थिति के अनुसार अद्यतन पूर्वानुमान व दिशा-निर्देश जारी करेगा। इसके साथ ही नागरिकों से बारिश का यह दौर थमने तक सतर्क रहने का आग्रह किया गया है।
