बठिंडा(गुरप्रीत सिंह): संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) से जुड़े किसानों ने बुधवार को बठिंडा जिले के टोल प्लाज़ा पर समन्वित प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार पर कई लंबित मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए तीन घंटे तक वाहन चालकों को बिना शुल्क गुजरने दिया।
यह प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक जीदा, लेहरा बेगा, बल्लुआना, जassi बागवाली और शेखूपुरा स्थित टोल प्लाज़ा पर किया गया, जहां टोल वसूली अस्थायी रूप से रोक दी गई।
प्रदर्शन में सैकड़ों किसान, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएँ भी शामिल थीं, शामिल हुए। झंडे और तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और कृषि नीतियों तथा बढ़ती इनपुट लागत को लेकर अपनी चिंताएं जताईं।
आंदोलन के दौरान उठाई गई प्रमुख मांगों में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को वापस लेने की मांग भी शामिल थी। किसान नेताओं का आरोप था कि यह समझौता भारत के कृषि क्षेत्र के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है। प्रदर्शनकारियों ने यूरिया और डीएपी खाद की निर्बाध उपलब्धता की भी मांग की, और कहा कि कमी के कारण खेती के मौसम में किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा, किसानों ने पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी की हालिया कीमतों में वृद्धि वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि ईंधन और ऊर्जा की बढ़ी हुई लागत ने खेती और घरेलू खर्चों को काफी बढ़ा दिया है।
बड़ी संख्या में किसानों के जुटने के बावजूद, प्रदर्शन पूरे दिन शांतिपूर्ण रहा। वाहनों को टोल प्लाज़ा से बिना शुल्क गुजरने दिया गया और यातायात सामान्य रूप से चलता रहा, जिससे कोई बड़ा व्यवधान नहीं हुआ।
किसान संगठनों ने कहा कि यह प्रदर्शन सरकार का ध्यान कृषि समुदाय से जुड़ी समस्याओं की ओर आकर्षित करने के लिए किया गया था, साथ ही यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसका भी ध्यान रखा गया। उन्होंने दोहराया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे भी ऐसे प्रदर्शन किए जा सकते हैं।
