लुधियाना नगर निगम के 100 से अधिक आउटसोर्स डेटा एंट्री ऑपरेटरों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला

लुधियाना( गुरप्रीत सिंह): लुधियाना नगर निगम (MC) के 100 से अधिक आउटसोर्स डेटा एंट्री ऑपरेटर पिछले तीन महीनों से अपनी सैलरी का इंतज़ार कर रहे हैं, जिससे कई कर्मचारी आर्थिक दबाव में हैं, जबकि वे सरकारी कामकाज लगातार संभाल रहे हैं।

कर्मचारियों के अनुसार अप्रैल, मई और जून का वेतन अभी तक नहीं मिला है, और जुलाई का महीना भी खत्म होने के करीब है। एक निजी ठेकेदार के माध्यम से काम करने वाले इन कर्मचारियों को करीब 13,000 रुपये मासिक वेतन मिलता है, जो उनके मुताबिक समय पर मिलने पर भी घर-खर्च के लिए मुश्किल से पर्याप्त होता है।

कर्मचारियों ने बताया कि वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), नशा सर्वे, जनगणना से जुड़ा काम और 10 लाख रुपये वाली बीमा योजना जैसे कई अहम सरकारी कार्य कर रहे हैं, इसके बावजूद वेतन जारी करने में लगातार देरी हो रही है।

उनका आरोप है कि समझौते के अनुसार वेतन हर महीने 10 तारीख से पहले मिल जाना चाहिए, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से देरी आम बात बन गई है और भुगतान कई बार दो से तीन महीने बाद होता है।

कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि 2023 में India Security को आउटसोर्सिंग का ठेका मिलने के बाद से यह समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि ठेका अवधि पूरी होने के बाद नए टेंडर आमंत्रित करने के बजाय नगर निगम पुरानी व्यवस्था को ही बढ़ाता जा रहा है, जबकि वेतन भुगतान में देरी लगातार बनी हुई है।

कई कर्मचारियों ने कहा कि वेतन न मिलने से उनके रोज़मर्रा के जीवन पर गंभीर असर पड़ा है और यात्रा खर्च, घरेलू बिल तथा अन्य आवश्यक खर्चों का प्रबंध करना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद वे बिना काम रोके ड्यूटी पर आते रहे हैं।

नगर निगम के सूत्रों के मुताबिक नई निविदा बुलाने का प्रस्ताव पहले ही वित्त एवं अनुबंध समिति (F&CC) के सामने रखा जा चुका था, लेकिन तब तक मौजूदा अनुबंध को बढ़ा दिया गया।

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए India Security के जोगराज सिंह संधू ने कहा कि भुगतान प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार ने बिल नगर निगम को सौंप दिए हैं और आवश्यक चेकों पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं।

संधू के अनुसार, बकाया वेतन 22 या 23 जुलाई तक कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा होने की उम्मीद है। उन्होंने देरी का कारण प्रशासनिक बताया, जिसमें अधिकारियों के तबादले और अन्य सरकारी कार्यों में व्यस्तता के कारण भुगतान प्रक्रिया धीमी हुई।

प्रभावित कर्मचारियों ने नगर निगम से अपील की है कि हर महीने वेतन समय पर जारी किया जाए, क्योंकि लगातार देरी उनकी आर्थिक स्थिरता को नुकसान पहुँचा रही है और कामकाज के बावजूद कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है।

By Gurpreet Singh

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