वाशिंगटन (राजीव शर्मा): अर्जेंटीना ने एक और यादगार नॉकआउट प्रदर्शन करते हुए मैच के अंतिम पलों में दो गोल दागे और इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फीफा विश्व कप के फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली। मौजूदा चैंपियन के पास अब टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में स्पेन के खिलाफ अपने ताज की रक्षा करने का अवसर होगा।
सेमीफाइनल के उत्तरार्ध (लैटshrink स्टेज) में एंथਨੀ गॉर्डन द्वारा अपनी टीम को बढ़त दिलाने के बाद ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड एक बड़ा उलटफेर करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मैच में जब कुछ ही मिनट बचे थे, तो ‘थ्री लायंस’ (इंग्लैंड की टीम) दशकों बाद अपने पहले विश्व कप फाइनल के बेहद करीब पहुंचती हुई दिखाई दे रही थी।
हालांकि, अर्जेंटीना ने हार मानने से इनकार कर दिया। उनके लगातार आक्रामक दबाव का फल आखिरकार तब मिला जब एंजो फर्नांडीज ने 85वें मिनट में बराबरी का गोल दागकर मैच का रुख पूरी तरह से दक्षिण अमेरिकी टीम के पक्ष में मोड़ दिया।
इंजरी टाइम में लुटारो मार्टिनेज बने हीरो
जैसे ही मैच स्टॉपेज टाइम (इंजरी टाइम) में पहुंचा, स्थानापन्न (सब्स्टीट्यूट) खिलाड़ी के रूप में आए लुटारो मार्टिनेज हीरो बनकर उभरे। इस स्ट्राइकर ने पेनल्टी एरिया के अंदर एक क्रॉस को लपका और गोलकीपर को छकाते हुए एक जोरदार हेडर के जरिए इस असाधारण वापसी को पूरा किया, जिससे इंग्लैंड के पास जवाब देने के लिए बहुत कम समय बचा।
इस सेमीफाइनल ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की सबसे कड़ी प्रतिद्वंद्विता में से एक को फिर से जीवंत कर दिया, जिसमें दोनों देशों के समर्थकों ने पूरे मुकाबले के दौरान एक जीवंत माहौल बनाए रखा। खचाखच भरे स्टेडियम में हर टैकल, मौके और गोल पर दर्शकों की गगनभेदी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
लियोनेल मेसी ने एक बार फिर अर्जेंटीना के आक्रमण की कमान संभाली, जबकि दबाव में टीम का लचीलापन निर्णायक साबित हुआ। इंग्लैंड के गोल को मैच का परिणाम तय करने देने के बजाय, अर्जेंटीना ने अपना संयम बनाए रखा और अंतिम समय में मिले अवसरों का पूरा फायदा उठाया।
इंग्लैंड का एक और दिल तोड़ने वाला सफर
इंग्लैंड के लिए, अधिकांश खेल में शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन के बावजूद यह हार एक और दिल तोड़ने वाली विदाई साबित हुई। अंतिम मिनटों में बढ़त बनाए रखने में उनकी विफलता अंततः अर्जेंटीना जैसी अनुभवी टीम के खिलाफ महंगी साबित हुई।
अर्जेंटीना अब ईस्ट रदरफोर्ड, न्यू जर्सी में होने वाले विश्व कप फाइनल में स्पेन से मुकाबला करेगा। स्पेन ने फ्रांस को हराकर चैंपियनशिप मैच में अपनी जगह पक्की की थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की दो सबसे मजबूत टीमों के बीच एक हाई-प्रोफाइल मुकाबले का मंच तैयार हो गया है।
इतिहास रचने के इरादे से अर्जेंटीना लगातार दूसरा विश्व कप खिताब जीतने की कोशिश करेगा, जबकि स्पेन का लक्ष्य मौजूदा चैंपियन को उनकी फुटबॉल विरासत में एक और शानदार अध्याय जोड़ने से रोकना होगा।
