पंजाब में वेरका के दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं की सेहत से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में वेरका के दूध पाउडर की एक खेप गुणवत्ता संबंधी आपत्तियों के कारण अस्वीकार किए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आया। इसके बाद पंजाब सरकार और मिल्कफेड ने आंतरिक जांच शुरू की तथा गुणवत्ता नियंत्रण में कथित लापरवाही के आरोपों पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वेरका के सभी उत्पादों की गुणवत्ता की व्यापक समीक्षा की जाए और यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। सरकार ने यह भी कहा कि राज्य की सहकारी डेयरी संस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मिल्कफेड ने भी स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
