पंजाब के तरनतारन जिले में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र (रीहैब सेंटर) पर छापेमारी कर 52 युवकों को मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान पता चला कि केंद्र बिना आवश्यक अनुमति और लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केंद्र संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रशासन के अनुसार, छापेमारी के दौरान केंद्र में रह रहे युवकों को अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि केंद्र में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और वैधानिक व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं थीं। सभी युवकों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके स्वास्थ्य की जांच कराई गई।
पुलिस ने केंद्र के दस्तावेजों और रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि केंद्र कितने समय से संचालित हो रहा था और इसमें कितने लोगों की संलिप्तता थी। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य और प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि राज्य में अवैध नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उनके क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित किसी ऐसे केंद्र की जानकारी हो तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचित करें।
