सांगला (राजीव शर्मा): हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का कहर लगातार जारी है, जहाँ भारी बारिश ने बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचाया है, परिवहन व्यवस्था को ठप कर दिया है और कई दूरदराज के इलाकों का संपर्क काट दिया है। किन्नौर जिले में कई दिनों से जर्जर हालत में चल रहा एक बेली ब्रिज (Bailey bridge) आखिरकार ढह गया, जबकि भूस्खलन और मलबे के कारण राज्य भर में सैकड़ों सड़कें अभी भी बंद हैं।
सांगला घाटी को जोड़ने वाला यह पुल मूसलाधार बारिश के कारण अपनी नींव के नीचे हुए कटाव (erosion) के बाद असुरक्षित हो गया था। अधिकारियों ने इसके पूरी तरह ढहने से पहले ही इस पर यातायात रोक दिया था, जिससे क्षेत्र के प्रमुख मार्गों में से एक का संपर्क टूट गया है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) संपर्क बहाल करने के लिए काम कर रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि बंद रास्तों को फिर से खोलने में समय लग सकता है क्योंकि लगातार हो रही बारिश ने मरम्मत के प्रयासों को कठिन बना दिया है। नवीनतम अपडेट के अनुसार, लगभग 320 सड़कें अभी भी बंद हैं, जबकि बिजली नेटवर्क को पहुंचे नुकसान के कारण 200 से अधिक बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं।
सामान्य से 50% अधिक बारिश और येलो अलर्ट
मौसम के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि हिमाचल प्रदेश में इस महीने मौसमी औसत से काफी अधिक बारिश हुई है। 1 जुलाई से 10 जुलाई के बीच, बारिश सामान्य स्तर से 50 प्रतिशत अधिक रही है, जिससे कई जिलों में भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और ढलानों के धंसने का खतरा बढ़ गया है।
आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता में मामूली कमी के बावजूद, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के लिए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) बरकरार रखा है। निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में जहाँ अस्थिर ढलानें लगातार खतरा बनी हुई हैं।
तापमान में गिरावट और आगामी पूर्वानुमान
| प्रभावित क्षेत्र | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| प्रमुख पर्यटन स्थल | लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण शिमला, मनाली, भुंतर और सोलन में दिन का तापमान मौसमी औसत से काफी नीचे दर्ज किया गया है। |
| राहत और अगला दौर | मौसम वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि महीने के मध्य में मौसम में कुछ सुधार होगा, जिससे तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। हालांकि, पूर्वानुमान बताते हैं कि यह राहत अस्थायी होगी और जुलाई के तीसरे सप्ताह में मानसून का एक और सक्रिय चरण राज्य को प्रभावित कर सकता है। |
प्रशासन की अपील: अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे संवेदनशील पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने से बचें, जिला प्रशासनों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और मौसम की स्थिति स्थिर होने तक नदियों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें स्टैंडबाय पर हैं और अधिकारी राज्य भर में मानसून की बदलती स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।
