शिमला (राजीव शर्मा): हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को भी भारी मानसूनी बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित करना जारी रखा। इसके चलते प्रशासन को सिरमौर जिले के कुछ हिस्सों में स्कूलों को बंद करने का आदेश देना पड़ा, साथ ही निवासियों को भूस्खलन, अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और सड़कों के बाधित होने की संभावना के प्रति आगाह किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए पांच जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) बरकरार रखा है।
लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क संपर्क प्रभावित होने और भूस्खलन का खतरा बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने संगड़ाह और पच्छाद उपमंडलों में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह छुट्टी केवल छात्रों के लिए है, जबकि शिक्षकों और अन्य स्टाफ सदस्यों को ड्यूटी पर उपस्थित रहना होगा, जब तक कि इसके लिए अलग से कोई निर्देश जारी न किए जाएं।
काला-अंब के कई इलाकों में रात भर हुई तेज बारिश के बाद जलभराव की स्थिति देखी गई, जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने बाढ़ जैसी स्थिति को रोकने के लिए जल निकासी प्रणालियों (drainage systems) की निगरानी शुरू कर दी है। शिमला और पड़ोसी पहाड़ी क्षेत्रों में गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह भी रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा, जिससे कई रास्तों पर यातायात धीमा हो गया।
मौसम का पूर्वानुमान और प्रशासन की चेतावनी
आईएमडी ने आज दिन के दौरान कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। निवासियों को भूस्खलन संभावित मार्गों से यात्रा करने से बचने और नदियों, नालों तथा निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है, जहाँ जल स्तर अचानक बढ़ सकता है।
अधिकारियों ने कहा कि सक्रिय मानसून की मौजूदा स्थिति में सप्ताहांत (weekend) में थोड़ी राहत मिलने की संभावना है। शनिवार से बारिश की तीव्रता कम होने की उम्मीद है, और अगले सप्ताह राज्य के कई हिस्सों में केवल छिटपुट बौछारें पड़ने का अनुमान है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों ने संकेत दिया है कि जुलाई के उत्तरार्ध (आखरी दिनों) में मानसून का एक और सक्रिय चरण वापस आ सकता है।
नुकसान और बहाली के कार्य
| वर्तमान स्थिति | प्रभावित क्षेत्र व विवरण |
| सड़क मार्ग | मलबे और ढलानों के धंसने के कारण सैकड़ों सड़कें अभी भी बंद हैं। |
| बिजली आपूर्ति | बिजली के बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान के बाद कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। |
| राहत कार्य | राजमार्गों को साफ करने और आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के लिए टीमों को तैनात किया गया है। |
तापमान में गिरावट: इस व्यापक बारिश के कारण पहाड़ी राज्य में तापमान में भी भारी गिरावट आई है। कई शहरों में दिन का तापमान मौसमी औसत से काफी नीचे दर्ज किया गया है, जिससे गर्मी से तो राहत मिली है लेकिन ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो गई हैं।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने और मौसम की स्थिति सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा को स्थगित करने का आग्रह किया है। आपदा प्रबंधन टीमें (Disaster response teams) और जिला प्रशासन लगातार अलर्ट पर हैं ताकि मानसून की गतिविधियों से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपातकालीन स्थिति का तुरंत सामना किया जा सके।
