दिल्ली (राजीव शर्मा): दिल्ली में एक 28 वर्षीय महिला की मौत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। महिला के परिवार ने आत्महत्या की आशंका को खारिज करते हुए इस मामले को हत्या के रूप में दर्ज करने की मांग की है। मृतका की पहचान आकृति सुतार के रूप में हुई है, जिसकी शादी महज दो महीने पहले हुई थी। उसका शव शनिवार रात लोधी कॉलोनी की एक आवासीय सोसायटी के पास मिला था।
आकृति के रिश्तेदारों के अनुसार, अप्रैल में अपनी शादी के बाद छुट्टी पर रहने के बाद उसने उसी दिन काम फिर से शुरू किया था। उन्होंने बताया कि उसने पूरा दिन अपने सहकर्मियों के साथ बिताया और घर जाने से पहले अपने कार्यस्थल पर एक छोटी सी गेट-टुगेदर (पार्टी) भी रखी थी। उसके परिवार का मानना है कि इन घटनाओं से साफ पता चलता है कि वह एक सामान्य जीवन जी रही थी और उसमें मानसिक तनाव के कोई लक्षण नहीं थे।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि आकृति ने शाम को अपनी माँ से फोन पर बात की थी और काम पर अपने पहले दिन के बारे में चर्चा की थी। उन्होंने दावा किया कि वह फोन पर खुश लग रही थी और कॉल काटने से पहले उसने किसी भी तरह की समस्या का जिक्र नहीं किया था।
दहेज प्रताड़ना के आरोप और रहस्यमयी मौत
उसी रात बाद में, परिवार को उसके पति से जानकारी मिली कि आकृति से संपर्क नहीं हो पा रहा है। कुछ समय बाद, पुलिस ने उन्हें सूचित किया कि उसके घर से कई किलोमीटर दूर एक आवासीय परिसर के पास आकृति के विवरण से मेल खाता एक महिला का शव मिला है।
परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही आकृति को दहेज की मांगों को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि उस पर बार-बार दबाव बनाया जा रहा था और आरोप लगाया कि हाल के हफ्तों में पति-पत्नी के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। उनके अनुसार, इस घटना से कुछ समय पहले भी उनके बीच तीखी बहस हुई थी।
रिश्तेदारों ने आगे आरोप लगाया कि मृतका ने कई मौकों पर उनके साथ इस कथित प्रताड़ना का विवरण साझा किया था। उनका कहना है कि मौत के कारणों को लेकर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले इन आरोपों की गहन जांच की जानी चाहिए।
पुलिस जांच और फोरेंसिक साक्ष्य
सभी पहलुओं की जांच जारी: पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कहा है कि जांचकर्ता हर संभावित पहलू की जांच कर रहे हैं। परिवार के सदस्यों और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि घटना की परिस्थितियों का पता लगाने में फोरेंसिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मुख्य भूमिका रहने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है और जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों तथा गवाहों के बयानों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।
