नई दिल्ली(राजीव शर्मा):केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के हालिया दौरे के दौरान तोतापुरी आम उत्पादक किसानों के साथ व्यापक संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया। किसानों ने अवगत कराया कि प्रसंस्करण के लिए बड़े पैमाने पर उगाई जाने वाली तोतापुरी आम किस्म की कीमतों में हाल के समय में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिसके कारण राज्य के आम उत्पादक किसानों को गंभीर आर्थिक संकट और असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने तत्काल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के माध्यम से वैज्ञानिकों एवं संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों की एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए, ताकि तोतापुरी आम क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन का समग्र अध्ययन कर किसानों को लाभकारी मूल्य और क्षेत्र के दीर्घकालिक, सतत विकास के लिए ठोस समाधान प्रस्तुत किए जा सकें।
विशेषज्ञ समिति का गठन
आईसीएआर–केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ द्वारा जारी कार्यालय आदेश में बताया गया है कि आंध्र प्रदेश के दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संज्ञान में आया कि राज्य में प्रसंस्करण हेतु व्यापक रूप से उगाई जाने वाली तोतापुरी आम किस्म की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट हुई है, जिससे आम उत्पादक किसानों में चिंता और असंतोष का माहौल है। इसी संदर्भ में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए हैं कि आईसीएआर द्वारा एक विशेषज्ञ टीम गठित की जाए, जो तोतापुरी आम की खेती से लेकर प्रसंस्करण, विपणन, घरेलू और निर्यात बाजार तक से जुड़े मुद्दों का विस्तृत अध्ययन करे और उपयुक्त समाधान सुझाए।
जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, गठित विशेषज्ञ समिति में निम्नलिखित सदस्य शामिल हैं: डॉ. टी. दमोदरन, निदेशक, आईसीएआर–सीआईएसएच, लखनऊ– अध्यक्ष, डॉ. एम. शंकरन, प्रमुख, फ्रूट क्रॉप्स, आईसीएआर–आईआईएचआर, बेंगलुरु– सदस्य, डॉ. एच.एस. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, आईसीएआर–सीआईएसएच, लखनऊ– सदस्य, डॉ. डी. श्रीनिवास रेड्डी, प्रोफेसर, कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर, अनंत राजपेटा, वाईएसआर हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी, आंध्र प्रदेश– सदस्य, निदेशक (उद्यानिकी), आंध्र प्रदेश अथवा उनके नामित प्रतिनिधि– सदस्य।
10 दिनों में क्षेत्रीय दौरा, किसानों से सीधा संवाद
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह अगले 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापुरी आम उत्पादक क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करे। क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान समिति किसानों, प्रसंस्करण उद्योगों, निर्यातकों, राज्य सरकार के उद्यानिकी अधिकारियों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और अन्य संबंधित हितधारकों से विस्तृत चर्चा करेगी। इस दौरान समिति का फोकस निम्न मुख्य बिंदुओं पर रहेगा: तोतापुरी आम की खेती की वर्तमान स्थिति, उत्पादन लागत और किसानों की आय, प्रसंस्करण उद्योगों की क्षमता, उपयोग स्तर और मांग–आपूर्ति का संतुलन, घरेलू बाजार और निर्यात बाजार में कीमतों में गिरावट के वास्तविक कारण, वैल्यू चेन के अलग–अलग स्तरों पर आने वाली चुनौतियाँ और संभावित सुधार उपाय। इन चर्चाओं और क्षेत्रीय आंकड़ों के आधार पर समिति कीमतों में हालिया गिरावट के कारणों का वैज्ञानिक और आर्थिक विश्लेषण करेगी, ताकि नीति–निर्माण के लिए तथ्यपरक आधार उपलब्ध हो सके।
क्षेत्रीय भ्रमण और समग्र अध्ययन के उपरांत विशेषज्ञ समिति केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी। इस प्रतिवेदन में तोतापुरी आम क्षेत्र के लिए मूल्य स्थिरीकरण के उपाय, मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) को प्रोत्साहन देने वाली रणनीतियाँ, प्रसंस्करण और निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक हस्तक्षेप, एफपीओ, प्रोसेसर और एक्सपोर्टर्स की बेहतर समन्वय व्यवस्था, क्षेत्र के दीर्घकालिक और सतत विकास के लिए नीतिगत सुझाव जैसी क्रियान्वयन योग्य अनुशंसाएँ शामिल की जाएँगी, ताकि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस क्षेत्र के लिए एक व्यापक कार्य योजना लागू कर सकें।
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि तोतापुरी आम किसानों की आय और आजीविका की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और विशेषज्ञ समिति की अनुशंसाओं के आधार पर ऐसे कदम उठाए जाएंगे, जिनसे आंध्र प्रदेश के आम उत्पादक किसानों को स्थायी राहत मिले, उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो और इस क्षेत्र में रोजगार और निवेश के नए अवसर उत्पन्न हों।
